JAMMU.जम्मू: उत्तरी सेना कमांडर ने दाह डिवीजन का दौरा कर ऑपरेशनल तैयारियों और सुरक्षा तत्परता का विस्तृत रिव्यू किया। यह दौरा क्षेत्र की सामरिक स्थिति का आकलन करने और सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान सेना कमांडर ने सैनिकों के प्रशिक्षण, हथियार प्रणाली, तैनाती और लॉजिस्टिक सपोर्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए सैनिकों की तत्परता सर्वोच्च प्राथमिकता है। कमांडर ने अधिकारियों और जवानों को निर्देश दिए कि वे अपनी तैनाती में हमेशा अलर्ट रहें और सभी ऑपरेशनल मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
दाह डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कमांडर को क्षेत्र की वर्तमान सुरक्षा स्थिति और नियमित ऑपरेशनल गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत है, लेकिन सतत निगरानी और समय-समय पर रिव्यू से ही सभी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
सेना कमांडर ने कहा कि आधुनिक हथियार और तकनीकी साधनों के साथ-साथ जवानों का प्रशिक्षण और मानसिक तैयारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से जवानों की फील्ड तत्परता, अभ्यास और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का निरीक्षण किया।
इसके अलावा, कमांडर ने दाह डिवीजन के सभी बेस कैंप, कमांड पोस्ट और लॉजिस्टिक नेटवर्क का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपूर्ति श्रृंखला, संचार नेटवर्क और सुरक्षा उपायों में किसी भी प्रकार की कमी न रह जाए।
इस दौरे के दौरान कमांडर ने जवानों के मनोबल को ऊँचा रखने के लिए उनसे बातचीत भी की और उनकी कठिनाइयों को सुना। उन्होंने कहा कि सैनिकों का उत्साह और समर्पण ही किसी भी ऑपरेशन की सफलता की कुंजी है।
विशेष रूप से, उत्तरी सेना कमांडर ने भविष्य की संभावित चुनौतियों और संभावित ऑपरेशनल परिदृश्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने जोर दिया कि सभी तैयारियां समय पर पूरी हों और किसी भी स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित हो।
अंततः, उत्तरी सेना कमांडर का दाह डिवीजन दौरा क्षेत्र की सुरक्षा और ऑपरेशनल तत्परता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि सुरक्षा और रणनीतिक तैयारियों में सुधार भी सुनिश्चित होगा।