JAMMU.जम्मू: जम्मू-कश्मीर में मुख्य सचिव ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund) के कार्यान्वयन की रणनीति की समीक्षा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहरी विकास परियोजनाओं के प्रभाव, प्रगति और सुधार की दिशा का मूल्यांकन करना था।
बैठक में सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, स्वच्छता, डिजिटल सुविधाएँ और नागरिक सेवाओं को सुधारना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं के कार्यान्वयन में समयबद्धता, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि परियोजनाओं का लाभ सीधे शहरी नागरिकों तक पहुंचे और योजनाओं का स्थानीय समुदाय की वास्तविक जरूरतों के अनुसार कार्यान्वयन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी परियोजना में बाधा या देरी है तो उसे तुरंत दूर किया जाए।
बैठक में यह समीक्षा भी की गई कि स्मार्ट सिटी पहल, डिजिटल सुविधा, जलापूर्ति और स्वच्छता के क्षेत्र में कितनी प्रगति हुई है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि स्थानीय तकनीकी नवाचार और नवीन उपायों का उपयोग कर परियोजनाओं की दक्षता बढ़ाई जाए।
विशेष रूप से, उन्होंने शहरी क्षेत्रों में सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सहभागिता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरों का विकास केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सामाजिक और आर्थिक कल्याण भी सुनिश्चित होना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि अर्बन चैलेंज फंड जैसी योजनाएँ शहरी क्षेत्रों के स्मार्ट, स्वच्छ और समावेशी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसका सही कार्यान्वयन शहरी जीवन स्तर में सुधार और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद करेगा।
संक्षेप में, मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर में अर्बन चैलेंज फंड की कार्यान्वयन रणनीति की समीक्षा कर योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और सुधारों पर विचार किया। यह कदम स्थायी शहरी विकास, बेहतर नागरिक सेवाएँ और स्मार्ट शहर परियोजनाओं को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।