JAMMU.जम्मू: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि सरकार की ओर से लोगों को उनके बकाया भुगतान के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाने पर मजबूर किया जा रहा है, जो उचित प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नागरिकों को उनके वैध अधिकार और बकाया राशि के लिए अनावश्यक रूप से मुकदमेबाजी का सहारा लेना पड़े, यह न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि सरकार और उसके विभागों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को कानूनी प्रक्रिया में न उलझना पड़े।
हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जब किसी व्यक्ति का पैसा या बकाया राशि सरकारी विभागों के पास लंबित हो, तो उसे बिना देरी के जारी किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की देरी न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है, बल्कि जनता के विश्वास को भी कमजोर करती है।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कई मामलों में लोगों को वर्षों तक अपने बकाया भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है, जिसके बाद वे मजबूरी में अदालत का सहारा लेते हैं। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह प्रवृत्ति व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती है।
कोर्ट ने सरकार से सवाल किया कि आखिर क्यों ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है कि नागरिकों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार न्यायालय का रुख करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर ही यदि समाधान हो जाए तो न्यायालयों पर अनावश्यक बोझ भी कम होगा।
हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि वह अपने सभी संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करे कि लंबित भुगतान मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट की यह टिप्पणी प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकारी विभागों पर समय पर भुगतान करने का दबाव बढ़ेगा और जनता को राहत मिलेगी।
इस मामले को लेकर आम लोगों में भी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि सरकारी भुगतान में देरी एक आम समस्या बन चुकी है, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं।
इस प्रकार हाईकोर्ट की यह सख्त टिप्पणी सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुधारते हुए लोगों के बकाया भुगतान समय पर सुनिश्चित किए जाएं, ताकि नागरिकों को अनावश्यक कानूनी संघर्ष का सामना न करना पड़े।
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