JAMMU.जम्मू: जम्मू शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को लेकर राजनीतिक घमासान बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के वरिष्ठ नेता सधोत्रा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया है कि उन्होंने जम्मू शहर के विकास और स्थानीय जरूरतों की अनदेखी की है। सधोत्रा ने कहा कि शहर में कई लंबित विकास कार्य, सड़क मरम्मत, जल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं में लगातार देरी हो रही है, जबकि भाजपा नेतृत्व इन्हें नजरअंदाज कर रहा है।
सधोत्रा ने नगर निगम और प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की शिकायतें और सुझाव अक्सर सुने नहीं जाते और जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी जाती। उन्होंने कहा, “जम्मू शहर के लोग लगातार समस्याओं का सामना कर रहे हैं। बिजली, पानी, साफ-सफाई और सड़क जैसी बुनियादी जरूरतों में देरी को अब और नहीं सहा जाएगा। भाजपा नेतृत्व को अपने वादों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए।”
सधोत्रा ने कहा कि शहर में बढ़ती आबादी और आधुनिक आवश्यकताओं के मद्देनजर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को योजनाओं को समय पर लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा के बजाय जनता की समस्याओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी आवाज उठाएं और नेताओं से जवाबदेही की मांग करें।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम और भाजपा नेतृत्व द्वारा कई विकास परियोजनाओं को लंबित रखना शहर के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए हानिकारक है। सधोत्रा ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर गंभीरता और पारदर्शिता की कमी के कारण नागरिकों को सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है।
सधोत्रा ने कहा कि शहर में यातायात, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्र भी लंबे समय से अनदेखे हैं। उन्होंने नगर निगम और राज्य सरकार से मांग की कि तत्काल प्रभाव से इन समस्याओं का समाधान किया जाए और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की शिकायतों और सुझावों को नजरअंदाज करना स्वीकार्य नहीं है।
इस अवसर पर सधोत्रा ने कहा कि राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे लगातार शहर के विकास के मुद्दों को उठाते रहेंगे और जनता की समस्याओं को दूर कराने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
जम्मू शहर के नागरिकों ने सधोत्रा के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि वे लंबे समय से शहर के विकास कार्यों में देरी से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं को अपने वादों को पूरा करने और नागरिकों की जरूरतों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
इस तरह, सधोत्रा के आरोपों ने शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। नागरिक और राजनीतिक हल्के दोनों इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं कि आखिर कब और कैसे शहर के लंबित विकास कार्य पूरे होंगे।