Jammu.जम्मू: सरार में ऐतिहासिक छापरी मेला शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ शुरू हुआ, और इस अवसर पर विधायक मनकोटिया ने मेले का औपचारिक उद्घाटन किया। यह मेला क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन के रंगों को प्रदर्शित करने वाला एक प्रमुख उत्सव माना जाता है। उद्घाटन समारोह में स्थानीय अधिकारियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
विधायक मनकोटिया ने उद्घाटन के मौके पर कहा, "छापरी मेला केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन है। यह मेला नागरिकों को एक मंच प्रदान करता है, जहां वे अपनी कला, शिल्प और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को साझा कर सकते हैं।"
इस ऐतिहासिक मेला में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां और प्रदर्शनी आयोजित की गई हैं। मेले में लोक संगीत और नृत्य प्रदर्शन, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। ग्रामीण और शहरी नागरिकों ने पारंपरिक खेलों और प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया।
विधायक ने कहा कि इस तरह के मेलों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और व्यापारियों को अपनी प्रतिभा और उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर देता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेले के माध्यम से क्षेत्र का पर्यटन भी बढ़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।
मेला स्थल पर सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजकों ने प्रवेश, पार्किंग, खाने-पीने और स्वास्थ्य सुविधाओं को व्यवस्थित किया ताकि सभी आगंतुकों को एक सुरक्षित और आनंदमय अनुभव मिल सके। बच्चों और परिवारों के लिए भी विशेष आकर्षण तैयार किए गए हैं, जिससे मेले का माहौल और जीवंत बना रहे।
स्थानीय कलाकारों और कारीगरों ने भी विधायक मनकोटिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेले में भाग लेने का अवसर मिलने से उनकी कला और व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। कई कारीगरों ने कहा कि यह मेला उनकी सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक सहयोग दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
विधायक ने अंत में उपस्थित लोगों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक छापरी मेले का भरपूर आनंद लें और स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय समाज मिलकर भविष्य में ऐसे मेलों को और व्यापक और आकर्षक बनाएंगे।