उमर अब्दुल्ला ने NEP कॉन्क्लेव 2025 में कहा: नवाचार डिग्री से बच्चों को रोजगार में फायदा
Jammu जम्मू-कश्मीर: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने NEP (National Education Policy) कॉन्क्लेव 2025 में भाग लिया और इस अवसर पर शिक्षा और नवाचार डिग्री के महत्व पर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को अपने पाठ्यक्रम और डिग्री को डिज़ाइन करने का अवसर देती है, जिससे उनकी स्किल और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होती है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कॉन्क्लेव में कहा, "हमने खुद इसका फायदा देखना शुरू किया है। जहां आप अपने बच्चों को खुद अपने डिग्री डिजाइन करने की इज्जत देते हो, वहां कुछ ऐसे नवाचार डिग्री सामने आए हैं जिनका बच्चों को अब फायदा होना शुरू हुआ है।
इस तरह की चीज़ों का उनको आगे जाकर बहुत फायदा होगा, जब उनको नौकरी करनी होगी। उन्होंने बताया कि NEP 2020 के अंतर्गत शिक्षा प्रणाली में लचीलापन और नवाचार को बढ़ावा दिया गया है। इससे छात्रों को न केवल विषय चयन में स्वतंत्रता मिलती है, बल्कि उन्हें अपने कैरियर के लिए जरूरी कौशल विकसित करने का अवसर भी मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीति शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है, जो बच्चों को आधुनिक नौकरी बाजार के अनुरूप तैयार करती है।
उमर अब्दुल्ला ने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में कई स्कूल और कॉलेज पहले ही नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नवाचार पाठ्यक्रम शुरू कर चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप छात्रों की क्षमता और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के नवाचार डिग्री भविष्य में छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे और उन्हें नौकरी और उद्योग के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा में बढ़त दिलाएंगे। कॉन्क्लेव में उन्होंने शिक्षा विशेषज्ञों और शिक्षकों से भी संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की भूमिका इस बदलाव में केंद्रीय है। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षकों को इस नई प्रणाली के अनुसार प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए, ताकि छात्र अधिक लाभान्वित हो सकें।
शिक्षा के क्षेत्र में NEP 2020 का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम सुधारना नहीं है, बल्कि बच्चों में क्रिएटिविटी, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना भी है। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस पहल से जम्मू-कश्मीर के युवा न केवल स्थानीय बल्कि वैश्विक रोजगार बाजार में भी प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे। कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी उम्मीद जताई कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावसायिक कौशल और रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह बदलाव लंबे समय में क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। इस प्रकार, NEP कॉन्क्लेव 2025 में उमर अब्दुल्ला ने शिक्षा प्रणाली में नवाचार और छात्र-केंद्रित पाठ्यक्रम की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है।