श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने रविवार को कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला का बयान गलत है। उन्होंने शनिवार को बडगाम जिले में एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान दिए गए अब्दुल्ला के बयान पर प्रतिक्रिया दी। इस कार्यक्रम में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) अध्यक्ष ने दावा किया था कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान द्वारा कश्मीर का मुद्दा उठाने से यह क्षेत्र सुरक्षित रहा है। आजाद ने आगे कहा, "PoK (पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर) की स्थिति को देखिए, जहां लोग अपने अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 1947 से लेकर अब तक, नेहरू से लेकर मोदी तक, केंद्र की सभी सरकारों ने राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर जम्मू-कश्मीर के विकास में योगदान दिया है।"
आजाद ने अपने 'X' (ट्विटर) हैंडल पर लिखा, "मैं फारूक साहब का सम्मान करता हूं, लेकिन उनका बयान पूरी तरह से गलत है। अगर भारत और जम्मू-कश्मीर के लोगों का कोई दुश्मन है, तो वह पाकिस्तान है।" शिया नेता और पूर्व मंत्री इमरान अंसारी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष की आलोचना करते हुए लोगों से अपील की कि वे अब्दुल्ला का अनुसरण न करें। अंसारी ने अपने 'X' हैंडल पर लिखा, "अपने कश्मीरी भाइयों से मेरी एक विनम्र और भाई जैसी अपील है। कृपया फारूक साहब का अनुसरण न करें। उन्हें और उनके कुछ चुनिंदा साथियों को कुछ भी कहने की छूट है।"
अंसारी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व को "किराए के बागी" (rebels on rent) करार दिया। उन्होंने आगे कहा, "उनका तथाकथित विद्रोह एक 'किराए का विद्रोह' है। यह छूट केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिली हुई है। वे जो चाहें कह सकते हैं। लेकिन अगर कोई आम कश्मीरी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करे, तो सरकार उसे तुरंत PSA या UAPA के तहत हिरासत में ले लेगी।"
शनिवार को BJP ने अब्दुल्ला के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की।
BJP प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने कहा, "फारूक अब्दुल्ला का पाकिस्तान-समर्थक बयान देशद्रोही और राष्ट्र-विरोधी है। ऐसी टिप्पणी करने के लिए उन पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए। जिस नेता ने भारतीय संविधान के तहत शपथ ली हो, उसे यह अधिकार नहीं है कि वह अपने ही देश के लोगों के प्रति सरकार की मंशा पर सवाल उठाए और साथ ही पाकिस्तान के नैरेटिव को राजनीतिक वैधता दे।"
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को बढ़ावा देकर "जम्मू-कश्मीर को भारी पीड़ा पहुंचाई है", जिसके कारण यह क्षेत्र दशकों तक हिंसा और लक्षित हत्याओं (targeted killings) का शिकार रहा है। "पाकिस्तान ने कश्मीर को आतंकवाद, खून-खराबे, डर और अनिश्चितता के अलावा कुछ नहीं दिया है। क्या फारूक अब्दुल्ला यह उम्मीद करते हैं कि कश्मीर के लोग इस दर्दनाक इतिहास को भूल जाएं और यह मान लें कि पाकिस्तान उनका उद्धारक है?" भाजपा नेता ने पूछा।