पहली बारिश में खुली सड़क मरम्मत की पोल, तवी के पुलों पर गड्ढों से लोग परेशान

जम्मू में बारिश के बाद तवी पुलों की बदहाल तस्वीर, हिचकोले खाने को मजबूर वाहन चालक

Update: 2026-07-24 03:00 GMT

JAMMU-AND-KASHMIR : जम्मू में मानसून की पहली तेज बारिश ने सड़क मरम्मत के दावों की पोल खोल दी है। तवी नदी पर बने पुलों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे उभर आने से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाल ही में इन पुलों की मरम्मत और पैचवर्क कराया गया था, लेकिन पहली ही बारिश के बाद सड़क की सतह उखड़ गई और कई स्थानों पर बड़े गड्ढे बन गए।

इन गड्ढों के कारण रोजाना गुजरने वाले हजारों वाहन हिचकोले खाने को मजबूर हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण बन गई है। लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द मरम्मत कराने और सड़क की गुणवत्ता की जांच करने की मांग की है।
पहली बारिश में सामने आई सड़क की खराब स्थिति
जम्मू में मानसून की शुरुआत के साथ हुई बारिश के बाद तवी पुलों की सड़क पर कई स्थानों पर डामर उखड़ गया। इसके चलते सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि मरम्मत कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया होता, तो पहली बारिश में ही सड़क की यह हालत नहीं होती।
वाहन चालकों को हो रही परेशानी
तवी पुलों से हर दिन बड़ी संख्या में निजी वाहन, बसें, ट्रक और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। गड्ढों के कारण—
वाहनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ रही है।
ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है।
दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है।
वाहन के सस्पेंशन और टायरों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
कई लोगों ने बताया कि पुल पार करते समय लगातार झटके लग रहे हैं, जिससे सफर असुविधाजनक हो गया है।
मरम्मत कार्य पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सड़क मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हाल ही में किए गए पैचवर्क पर सरकारी धन खर्च हुआ था, लेकिन उसका असर पहली बारिश भी नहीं झेल सका।
लोगों ने मांग की है कि—
सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता की जांच हो।
जिम्मेदार एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए।
स्थायी समाधान के लिए दोबारा मरम्मत कराई जाए।
प्रशासन और संबंधित विभाग से उम्मीद
हालांकि संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जाएगी ताकि यातायात सामान्य हो सके।
बारिश का मौसम जारी रहने के कारण समय पर मरम्मत नहीं होने पर समस्या और बढ़ सकती है।
बारिश में बढ़ जाता है जोखिम
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, खासकर—
दोपहिया वाहन चालकों के लिए।
रात के समय यात्रा करने वालों के लिए।
भारी वाहनों के संचालन के दौरान।
ऐसे में वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक और नियंत्रित गति से वाहन चलाने की सलाह दी जाती है।
लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही समस्या सामने आती है। उनका मानना है कि अस्थायी पैचवर्क के बजाय सड़क की मजबूत और टिकाऊ मरम्मत की जानी चाहिए, ताकि बार-बार जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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