श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां लगातार बढ़ी जा रही हैं. दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग के वेरीनाग कापरान क्षेत्र में शुक्रवार शाम को आतंकियों के होने की सूचना मिली है. सूचना मिलते ही सेना और पुलिस ने मिलकर इलाके की नाकाबंदी करते हुए उन्हें घेरना शुरू कर दिया है. इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग भी की. बताया जा रहा है कि इलाके में तीन आतंकी छुपे हुए हैं.
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2 जून को प्रवासी मजदूरों पर किया था हमला
बडगाम में गुरुवार को ईंट भट्ठे में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों पर हमला किया था, जिसमें 1 मजदूर की मौत हो गई थी, जबकि एक मजदूर बुरी तरह से घायल हो गया था. हमले में जान गंवाने वाले मजदूर का नाम दिलखुश है. वह बिहार का रहने वाला था. वहीं दूसरे मजदूर का नाम राजन है, वह पंजाब का रहने वाला है.
कश्मीरी पंडित हमें छोड़कर न जाएं: मुफ्ती
कश्मीर में कश्मीरी पंडितों और टारगेट किलिंग की मुफ्ती नसीर-उल-इस्लाम ने निंदा की. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं शर्मिंदा करने वाली और दुखद हैं.उन्होंने कश्मीरी पंडितों से अपील भी की है कि वे घाटी छोड़कर न जाएं. उन्होंने कहा, "हर हत्या दुखद है और जघन्य अपराध है. मुझे ऐसी हत्याओं से दर्द होता है. मैं चाहता हूं कि लोग समझें कि भाईचारा कितना जरूरी है. हमें ऐसी उपद्रवी तत्वों को हालात बिगाड़ने की अनुमति नहीं देनी चाहिए."
अमित शाह ने मनोज सिन्हा के साथ की बैठक
गृहमंत्री अमित शाह ने आज उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ हाई-लेवल मीटिंग की. दोपहर में हुई इस बैठक में भी NSA डोभाल भी मौजूद रहे. इसके अलावा मीटिंग में जम्मू-कश्मीर के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (Director General of Police) दिलबाग सिंह, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक कुलदीप सिंह और सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख पंकज सिंह भी मौजूद रहे. जम्मू कश्मीर के हालात को लेकर पिछले 15 दिनों के अंदर ये दूसरी बैठक थी.