Jammu.जम्मू: स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सुशील ने हाल ही में अपने क्लिनिक परिसर में एक कार्डियक अवेयरनेस कैंप आयोजित किया। इस कैंप का उद्देश्य आम लोगों में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरणीय जोखिमों के हृदय स्वास्थ्य पर प्रभाव को समझाना था। कैंप में स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। डॉ. सुशील ने उपस्थित लोगों को हृदय रोगों की आम वजहों जैसे उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, जीवनशैली और आहार संबंधी आदतें समझाईं। उन्होंने बताया कि हृदय रोग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय कारकों जैसे वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण का भी सीधा असर पड़ता है।
डॉ. सुशील ने कहा कि “स्वस्थ हृदय के लिए सिर्फ खान-पान और व्यायाम ही नहीं, बल्कि साफ और सुरक्षित पर्यावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रदूषण और रासायनिक जोखिम सीधे हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।” उन्होंने लोगों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पौधारोपण करने और प्रदूषण कम करने के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया। कैंप में स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। उपस्थित लोगों का ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल स्तर मापा गया और उनके आधार पर व्यक्तिगत स्वास्थ्य सलाह दी गई। डॉ. सुशील ने बताया कि यह कदम खासकर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो हृदय रोग के जोखिम वाले समूह में आते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि यह केवल स्वास्थ्य जागरूकता ही नहीं बल्कि पर्यावरण की समझ को भी बढ़ावा देने वाला कदम है। कई लोगों ने कैंप के दौरान अपने स्वास्थ्य संबंधी सवाल पूछे और डॉ. सुशील ने विस्तार से मार्गदर्शन दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य और पर्यावरण का आपसी संबंध गंभीर है। हृदय रोगों और अन्य जीवनशैली संबंधित बीमारियों को रोकने के लिए साफ हवा, सुरक्षित जल और हरी-भरी जगहें आवश्यक हैं। इस पहल ने इस संदेश को स्थानीय समुदाय तक पहुंचाने का काम किया। डॉ. सुशील ने भविष्य में नियमित अंतराल पर कार्डियक अवेयरनेस कैंप आयोजित करने की योजना भी बताई, ताकि हृदय स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जागरूकता दोनों को समान रूप से बढ़ावा दिया जा सके।