Jammu.जम्मू: शहर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. रंजीत ने हाल ही में एक बुजुर्ग व्यक्ति का जटिल घुटना प्रत्यारोपण (knee replacement surgery) सफलतापूर्वक किया। यह सर्जरी विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि मरीज की उम्र और पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं ने सर्जरी की जटिलता बढ़ा दी थी।
डॉ. रंजीत ने बताया कि मरीज पिछले कई सालों से घुटने की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। “मरीज के घुटने में अस्थि और जोड़ के नुकसान ने उसकी दैनिक गतिविधियों को बहुत प्रभावित किया था। हम इस सर्जरी के जरिए उसे दर्द मुक्त जीवन देने की कोशिश कर रहे थे,” उन्होंने कहा।
सर्जरी लगभग तीन घंटे चली और इसमें अत्याधुनिक ऑर्थोपेडिक तकनीक का उपयोग किया गया। ऑपरेशन टीम ने विशेष उपकरण और उन्नत प्रोटीज़ का इस्तेमाल किया ताकि मरीज के घुटने की संरचना और कार्यक्षमता दोनों ही सुरक्षित रह सकें। डॉ. रंजीत ने कहा कि इस तरह के जटिल मामलों में टीम वर्क और तकनीकी दक्षता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
सर्जरी के बाद मरीज को विशेष देखभाल और रिहैबिलिटेशन शुरू किया गया। फिजियोथेरेपिस्ट ने मरीज की गति और घुटने की क्षमता सुधारने के लिए व्यायाम और चलने की तकनीक सिखाई। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि बुजुर्ग मरीज धीरे-धीरे अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट रहे हैं और दर्द में काफी कमी आई है।
इस अवसर पर अस्पताल ने बताया कि इस सर्जरी ने न केवल मरीज को नई जीवनशैली दी है, बल्कि ऑर्थोपेडिक विभाग की क्षमताओं और तकनीकी कौशल को भी साबित किया है। डॉ. रंजीत ने कहा कि बुजुर्गों के लिए घुटना प्रत्यारोपण एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है, बशर्ते यह प्रशिक्षित विशेषज्ञ और आधुनिक तकनीक के साथ किया जाए।
मरीज के परिजनों ने भी डॉ. रंजीत और उनके टीम की प्रशंसा की और कहा कि उनका धैर्य और कुशलता ही इस सफलता की वजह है। उन्होंने बताया कि पहले मरीज को चलने में मुश्किल होती थी और अब वह धीरे-धीरे स्वतंत्र रूप से चलने में सक्षम हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में बुजुर्ग रोगियों के लिए जटिल घुटना प्रत्यारोपण की संख्या तेजी से बढ़ रही है और ऐसी सफलताएं मरीजों में आशा और विश्वास जगाती हैं।