Jammu.जम्मू: जम्मू में DGPC Jammu द्वारा 327वां खालसा साजना दिवस बड़े धार्मिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न गुरुद्वारों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें संगत ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान सुबह से ही धार्मिक माहौल देखने को मिला। गुरुद्वारों में कीर्तन, अरदास और गुरु इतिहास पर आधारित प्रवचन किए गए, जिसमें खालसा पंथ की स्थापना और उसके आदर्शों पर प्रकाश डाला गया।
Jammu and Kashmir, India में इस अवसर को विशेष धार्मिक महत्व के साथ मनाया जाता है, जहां श्रद्धालु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा स्थापित खालसा पंथ के सिद्धांतों—सेवा, समानता और न्याय—को याद करते हैं।
डीजीपीसी जम्मू के पदाधिकारियों ने कहा कि खालसा साजना दिवस केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह समाज में एकता, अनुशासन और मानवता का संदेश देने वाला अवसर है। उन्होंने युवाओं से गुरु परंपरा के आदर्शों को अपनाने की अपील की।
Jammu में आयोजित इस समारोह में लंगर सेवा भी की गई, जिसमें सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान भाईचारे और समानता का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला।
स्थानीय लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं और समाज में आपसी सौहार्द बढ़ाते हैं।
कुल मिलाकर, 327वां खालसा साजना दिवस Jammu and Kashmir, India में श्रद्धा, सेवा और एकता का प्रतीक बनकर मनाया गया।