Kashmir कश्मीर: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता और 'दुख्तरान-ए-मिल्लत' की प्रमुख आसिया अंद्राबी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई। उनकी सहयोगी सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को भी 30 साल जेल की सज़ा दी गई। यह फ़ैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदरजीत सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने, NIA द्वारा 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत दर्ज एक मामले में सुनाया।
अदालत ने उन्हें जम्मू-कश्मीर को देश से अलग करने की साज़िश रचने और देश के खिलाफ़ लड़ने जैसे अपराधों के लिए सज़ा सुनाई। यह पाया गया कि उनके संबंध आतंकवादी संगठनों से थे। आरोप था कि आरोपियों ने देश-विरोधी गतिविधियां की थीं। इस मामले पर कुछ समय से बहस चल रही थी। अदालत ने 14 जनवरी को उनके खिलाफ़ लगाए गए आरोपों को सही पाया था। इस मौके पर, NIA ने अदालत से तीनों आरोपियों को कड़ी सज़ा देने का अनुरोध किया था। NIA ने अदालत से अपील की थी कि यह सज़ा उन दूसरों लोगों के लिए एक संदेश होनी चाहिए जो देश के खिलाफ़ साज़िशें रचना चाहते हैं। अदालत ने आरोपियों के लिए धारा 20, 38, 39, 153 A, 153B, 120B, 505, 121A जैसी धाराओं के तहत अंतिम सज़ा तय की है।
आसिया ने कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए एक अलगाववादी आंदोलन का नेतृत्व किया था। उसने एक महिला संगठन के ज़रिए कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने की साज़िश रची थी। उसने शरिया कानून का भी समर्थन किया था। आसिया को अतीत में कई बार अलग-अलग आरोपों में गिरफ्तार किया जा चुका है। उसे आखिरी बार 2018 में NIA द्वारा गिरफ्तार किया गया था।