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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। जम्मू-कश्मीर में पर्यटन, होटल समेत अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में खाड़ी देशों से निवेश की कवायद तेज हो गई है। रविवार को खाड़ी देशों के 36 प्रतिनिधियों का दल श्रीनगर में चार दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंच गया है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की मेजबानी में यह प्रतिनिधि जम्मू-कश्मीर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करने के बाद निवेश पर फैसला करेंगे।

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि दुबई एक्सपो में विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर सप्ताह मनाया गया था। एक्सपो में एलजी मनोज सिन्हा भी पहुंचे थे। इसी एक्सपो में तय हुआ था कि खाड़ी देशों के प्रतिनिधि जम्मू-कश्मीर में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा के लिए आएंगे। रविवार से चार दिवसीय कार्यक्रम का आगाज हो गया।
उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव व अन्य आला अफसर प्रतिनिधिमंडल को उद्यम, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाओं से अवगत करवाएंगे। चार दिवसीय दौरे पर आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य गुलमर्ग और पहलगाम में जाकर पर्यटन व होटल उद्योग क्षेत्र की संभावनाएं देखेंगे।
हस्तशिल्प कारीगरों से भी करेंगे मुलाकात
प्रवक्ता के अनुसार कार्यक्रम के दौरान आयात-निर्यात से जुड़े लोगों से लेकर स्टार्टअप के लिए उद्यमी अपनी प्रेजेंटेशन देकर निवेश का प्रस्ताव देंगे। इस दौरान कुटीर, रेशम उद्योग और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों के साथ प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात भी प्रस्तावित है।
प्रतिनिधिमंडल में 30 से ज्यादा कंपनियों के सीईओ
श्रीनगर में चार दिवसीय कार्यक्रम का हिस्सा बनने वाले खाड़ी देशों के प्रतिनिधिमंडल में 30 से ज्यादा कंपनियों के सीईओ शामिल हैं। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सेंचुरी फाइनेंशियल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाल कृष्ण कर रहे हैं। इसमें सऊदी अरब समेत अन्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं। इससे पूर्व जनवरी माह में उप राज्यपाल के दुबई दौरे में लुलु समूह, अल माया ग्रुप, माटू इनवेस्टमेंट्स एलएलसी, जीएल इंप्लायमेंट ब्रोक्रेज एंड नून ग्रुप समेत कई अन्य के साथ एमओयू हुआ था। इनमें सेंचुरी फाइनेंशियल के साथ 100 मिलियन डॉलर का समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित भी शामिल है।
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