Srinagar श्रीनगर, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने संघर्ष विराम का स्वागत करते हुए कहा कि देर आए दुरुस्त आए। मुख्यमंत्री उमर ने अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा, "मैं भारत सरकार के प्रवक्ता द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की बहाली की घोषणा का तहे दिल से स्वागत करता हूं।" उन्होंने कहा, "देर आए दुरुस्त आए, लेकिन अगर यह संघर्ष विराम दो या तीन दिन पहले होता, तो शायद जो खून-खराबा हमने देखा और जो कीमती जानें हमने खोईं, वे बच जातीं।"
अब्दुल्ला ने कहा कि अब जम्मू-कश्मीर सरकार का यह कर्तव्य है कि इस अवधि के दौरान पीड़ित लोगों को राहत और मुआवजा प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा, "हमने कीमती जानों के नुकसान के लिए मुआवजे की घोषणा की है। अब हमें घायलों को भी मुआवजा देना होगा।" मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू, पुंछ, राजौरी, तंगधार और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा पार से गोलाबारी और हमलों के कारण काफी तबाही हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें यह भी उम्मीद है कि हम हज उड़ानें फिर से शुरू कर सकेंगे क्योंकि हवाईअड्डा बंद होने के कारण हम हज यात्रियों को नहीं भेज पा रहे थे।’’