Srinagar श्रीनगर, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में विशेष सुरक्षा बल (SSF) के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मियों के उत्कृष्ट पेशेवर रवैये और समर्पण के लिए उन्हें सम्मानित किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, उपराज्यपाल ने SSF की सराहना की। उन्होंने कहा कि बल ने अपने साहस, सतर्कता और असाधारण कार्यक्षमता के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासनिक और सुरक्षा इतिहास में एक उल्लेखनीय अध्याय जोड़ा है। उन्होंने कहा कि SSF अनुशासन, उत्कृष्टता और प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में उभरा है।
उपराज्यपाल ने 11 अप्रैल, 2026 को शुरू किए गए 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के महत्व पर प्रकाश डाला। यह एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ एकजुट करना है। गौरतलब है कि इस अभियान के तहत उपराज्यपाल के नेतृत्व में केंद्र शासित प्रदेश के सभी 20 जिलों में एक व्यापक पदयात्रा निकाली गई, जिससे प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ।
इस पहल में SSF की भूमिका की सराहना करते हुए, उपराज्यपाल ने कहा कि बल ने विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों और कठिन परिस्थितियों में भी सुरक्षा की पुख्ता योजना बनाई, बेहतरीन समन्वय स्थापित किया और भीड़ का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा, "शहरी केंद्रों से लेकर दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों तक, SSF ने सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखा और साथ ही जनता के साथ सार्थक संवाद को भी सुगम बनाया।"
उपराज्यपाल ने SSF के सभी कर्मियों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि वे आगे भी साहस, सम्मान और प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्र की सेवा करते रहेंगे। इस अवसर पर उपराज्यपाल के प्रधान सचिव गोविंद जायसवाल, उधमपुर-रियासी रेंज के DIG और SSF के पूर्व निदेशक स्वर्ण सिंह कोतवाल, SSF के निदेशक हरीश एच.पी. तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।