लोकतंत्र में नौकरशाही का अहंकार चुनौती: Rajesh Gupta

Update: 2026-04-05 13:48 GMT
Jammu.जम्मू: वरिष्ठ नेता और विधायक राजेश गुप्ता ने नौकरशाही के बढ़ते अहंकार पर चिंता जताते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी जनता की अपेक्षाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान नहीं करते हैं, तो यह शासन प्रणाली और नागरिक विश्वास दोनों को प्रभावित कर सकता है।
राजेश गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल मत देने और चुनाव जीतने तक सीमित नहीं है। इसके सफल संचालन के लिए प्रशासन और नौकरशाही का जनता के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अक्सर नौकरशाही का अहंकार निर्णयों को प्रभावित करता है और नीति निर्माण में पारदर्शिता की कमी पैदा करता है।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि उनका रवैया जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ नहीं होना चाहिए। राजेश गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को नियम और कानून का पालन करना आवश्यक है, चाहे वह राजनीतिक नेतृत्व हो या प्रशासनिक अधिकारी।
विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरशाही और प्रशासनिक तंत्र में अहंकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चुनौती हो सकता है, क्योंकि इससे निर्णय लेने में देरी, नागरिक शिकायतों की अनदेखी और भ्रष्टाचार की संभावना बढ़ती है। राजेश गुप्ता ने कहा कि इसे रोकने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता की भागीदारी को मजबूत करना आवश्यक है।
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