Jammu जम्मू : "स्मार्ट सिटी" का तमगा पाने वाले जम्मू शहर में पार्कों की बदहाली ने नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जम्मू नगर निगम (JMC) द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद शहर के अधिकांश पार्कों की स्थिति दयनीय हो गई है।
शहर के कई इलाकों — खासकर छन्नी हिम्मत — में पार्कों के पाथ-वे क्षतिग्रस्त हैं, बच्चों के झूले टूटे हुए हैं और रोशनी की व्यवस्था लगभग नदारद है। ऐसी स्थिति में ये सार्वजनिक स्थान अब मनोरंजन की बजाय असामाजिक तत्वों का अड्डा बनते जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से शिकायतें की हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। "शाम होते ही पार्क अंधेरे में डूब जाते हैं और नशेड़ी यहां जमा हो जाते हैं। महिलाएं और बच्चे डर की वजह से पार्कों में आना छोड़ चुके हैं," एक स्थानीय निवासी ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा। छन्नी हिम्मत का एक पार्क तो पूरी तरह से उपेक्षा का शिकार हो चुका है। वहां लगे सभी झूले टूटे हैं, पौधों की देखरेख नहीं हो रही और बेंचें भी जर्जर हो चुकी हैं।