Jammu.जम्मू: सीजीपीडब्ल्यूए (CGPWA) और बीएसएस (BSS) ने संयुक्त रूप से भजन संध्या का आयोजन किया, जिसमें श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों की अच्छी संख्या ने भाग लिया। यह कार्यक्रम भक्ति और सांस्कृतिक मूल्य बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य स्वागत समारोह और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि और संगठन के वरिष्ठ सदस्यों ने भजन संध्या का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भजन संगीत न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है, बल्कि यह समाज में शांति और सद्भाव बढ़ाने का भी जरिया है।
भजन संध्या में कई प्रसिद्ध भजन गायक और स्थानीय कलाकारों ने भाग लिया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के भजनों और आध्यात्मिक गीतों की प्रस्तुतियाँ दीं, जिसमें भक्तिभाव और संगीत का अद्भुत मिश्रण देखने को मिला। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और संगीत के माध्यम से एक आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि भजन और कीर्तन हमारे सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भक्ति संगीत के माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों को बनाए रखें। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं।
सीजीपीडब्ल्यूए और बीएसएस के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस भजन संध्या का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में श्रद्धा और भक्ति की भावना को प्रज्वलित करना था। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का काम करते हैं।
भजन संध्या के दौरान उपस्थित लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का अवसर प्रदान करते हैं, बल्कि लोगों को मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का अनुभव भी कराते हैं। कई युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और उन्होंने इसे भविष्य में और अधिक नियमित आयोजन करने की मांग की।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी कलाकारों और उपस्थित श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भक्ति संगीत के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता फैलाने का कार्य निरंतर जारी रहेगा।