JAMMU.जम्मू: स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अंद्राबी ने आज बाबा पंज पीर सौंदर्यीकरण परियोजना का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल को बेहतर सुविधाओं और आकर्षक स्वरूप के साथ विकसित करना है।
उद्घाटन समारोह के दौरान अंद्राबी ने कहा कि बाबा पंज पीर जैसे पवित्र स्थल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनका संरक्षण एवं विकास समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर भी उत्पन्न होंगे।
परियोजना के तहत बाबा पंज पीर परिसर में सौंदर्यीकरण के कई कार्य किए जाएंगे, जिनमें बुनियादी ढांचे का सुधार, स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार और आसपास के क्षेत्र का विकास शामिल है। इसके साथ ही स्थल पर प्रकाश व्यवस्था और बैठने की उचित व्यवस्था भी की जाएगी ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास न केवल आस्था को मजबूत करता है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को भी बढ़ावा देता है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी परियोजना का स्वागत किया और इसे लंबे समय से चली आ रही मांग का सकारात्मक समाधान बताया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पहल से क्षेत्र की पहचान और अधिक मजबूत होगी तथा श्रद्धालुओं की संख्या में भी वृद्धि होगी।
अंद्राबी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन लगातार ऐसे स्थलों के विकास के लिए प्रयासरत हैं, ताकि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परियोजना के कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
कार्यक्रम के अंत में यह आशा व्यक्त की गई कि बाबा पंज पीर सौंदर्यीकरण परियोजना आने वाले समय में क्षेत्र के विकास और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगी। यह पहल न केवल स्थानीय लोगों के लिए लाभकारी होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक सशक्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में स्थापित होगी।
इस प्रकार अंद्राबी द्वारा किया गया यह उद्घाटन समारोह क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।