Amritsar.अमृतसर: अमृतसर में आयोजित एक कॉन्क्लेव में पूर्व आईपीएस अधिकारी Kiran Bedi ने ग्रामीण विकास के लिए महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘गांव क्रांति’ की वकालत की। उन्होंने कहा कि यदि देश के गांवों में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन लाना है, तो महिलाओं को नेतृत्व की मुख्य भूमिका में लाना अनिवार्य है।
कार्यक्रम के दौरान Kiran Bedi ने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की रीढ़ नहीं हैं, बल्कि समाज और विकास की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व संभालती हैं, तो निर्णय अधिक समावेशी और प्रभावी होते हैं।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोजगार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके अनुसार, गांवों के विकास के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके क्रियान्वयन में स्थानीय महिलाओं को सक्रिय रूप से शामिल करना जरूरी है।
कॉन्क्लेव में उपस्थित विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस विचार का समर्थन किया और कहा कि महिला नेतृत्व से ग्रामीण प्रशासन अधिक पारदर्शी और संवेदनशील बन सकता है।
Amritsar में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों ने ग्रामीण विकास के अलग-अलग मॉडल पर चर्चा की और सफल उदाहरण साझा किए।
किरण बेदी ने यह भी कहा कि महिलाओं को केवल लाभार्थी के रूप में नहीं, बल्कि निर्णयकर्ता के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि कैसे स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, अमृतसर कॉन्क्लेव में Kiran Bedi द्वारा महिलाओं के नेतृत्व वाली ‘गांव क्रांति’ का विचार ग्रामीण विकास और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में सामने आया।