JAMMU.जम्मू: भारत सरकार ने देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस जनगणना कराने की घोषणा की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि यह कदम प्रशासनिक प्रक्रिया को आधुनिक और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
नई व्यवस्था के तहत जनगणना के दौरान सभी आंकड़े डिजिटल माध्यम से एकत्र किए जाएंगे, जिससे कागजी कार्यवाही की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इससे डेटा संग्रहण, प्रोसेसिंग और विश्लेषण की प्रक्रिया अधिक तेज और सटीक होगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल जनगणना में मोबाइल एप्लिकेशन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा, जिससे गणनाकार सीधे डेटा को सिस्टम में दर्ज कर सकेंगे। इससे त्रुटियों की संभावना भी काफी कम हो जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को और मजबूत करेगा और प्रशासनिक कार्यों में तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देगा। इसके जरिए समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेपरलेस जनगणना से न केवल डेटा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि इसे तेजी से अपडेट और विश्लेषण भी किया जा सकेगा, जिससे नीति निर्माण में मदद मिलेगी।
अमित शर्मा ने बताया कि इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए जनगणना कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे डिजिटल उपकरणों का सही उपयोग कर सकें।
इसके अलावा, डेटा सुरक्षा और गोपनीयता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि नागरिकों की जानकारी सुरक्षित रहे और उसका दुरुपयोग न हो।
कुल मिलाकर, भारत सरकार द्वारा पहली बार डिजिटल और पेपरलेस जनगणना की घोषणा एक ऐतिहासिक कदम है, जो देश की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए इसे अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा।