Ladakh लेह: केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में बुधवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 दर्ज की गई। झटके महसूस होते ही कई इलाकों में लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। हालांकि, अभी तक भूकंप के कारण किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।

भूकंप के झटके लेह और आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोगों में कुछ समय के लिए भय का माहौल बन गया। कई लोगों ने एहतियात के तौर पर खुले स्थानों का रुख किया। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भूकंप आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी की जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां रखी गई हैं।

लद्दाख भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण यहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालय क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में आता है, जिसके कारण यहां भूकंपीय गतिविधियां बनी रहती हैं। भूकंप के दौरान सुरक्षा के लिए लोगों को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, झटके महसूस होने पर घर के अंदर मौजूद लोगों को मजबूत फर्नीचर के नीचे शरण लेनी चाहिए और खिड़कियों, शीशों तथा भारी सामान से दूर रहना चाहिए। वहीं, खुले स्थान पर रहने वाले लोगों को इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

लेह और आसपास के इलाकों में भूकंप के बाद प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। गौरतलब है कि लद्दाख में पहले भी कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां भूकंप के प्रभाव को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है। फिलहाल 5.5 तीव्रता के इस भूकंप के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है क्योंकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं मिली है।


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