न्यूज़ क्रेडिट : divyahimachal.com

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। लापरवाही और तेज रफ्तारी का जुनून प्रदेश में अधिकतर सडक़ दुर्घटनाओं का सबब बन रहा है। आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में पेश आने वाले कुल हादसों में 90 प्रतिशत से ज्यादा लापरवाही से वाहन चलाने और ओवर स्पीडिंग के कारण हो रहे हैं। 2020 में कुल 2235 सडक़ दुर्घटनाओं में 866 लोगों की जान गई और 3206 घायल हुए। वहीं, 2021 में पेश आए कुल 2408 हादसों में 1032 लोगों की मौत हुई और 3445 घायल हुए। 2020 में 1287 तो 2021 में 1418 यानी करीब 60 प्रतिशत का प्रमुख कारण खतरनाक व लापरवाही से वाहन चलाना और गलत तरीके से ओवर टेकिंग करना रहा। इन हादसों में 2020 में 463 लोगों की मौत हुई जबकि 1864 घायल हुए। उधर, 2021 में 626 लोगों की मौत हो गई जबकि 2009 घायल हुए।

सडक़ हादसों का दूसरा बड़ा कारण तेज रफ्तार से वाहन चलाना रहा।2020 में ऐसे 768 हादसों ने 281 लोगों की जान लील ली और 1073 घायल हुए। 2021 में तेज रफ्तार से हुई 726 दुर्घटनाओं में 296 लोगों की मौत हो गई और 1054 घायल हुए। 2021 में नशे में धुत्त चालकों के कारण 71 सडक़ हादसों ने 31 लोगों की जान लील ली और 96 को चोटें आई। 2020 में 27 दुर्घटनाओं का कारण वाहन में तकनीकी खराबी रहा, जिसमें 20 लोगों की मौत हुई और 61 घायल हुए। बीते साल वाहनों की तकनीकी खराबी 27 सडक़ दुर्घटनाओं का सबब बनी जिसमें नौ लोगों की मौत हुई और 48 घायल हुए। गौर रहे कि वाहन चलाते समय नियमों का पालन करने और सही सही स्पीड पर वाहन चलाने के साथ दोपहिया वाहनों में हेल्मेट का प्रयोग करने को लेकर लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। (एचडीएम)
खराब मौसम भी दुर्घटनाओं का कारण
2020 में खराब मौसम के कारण 45 हादसे पेश आए, जिनमें 31 की जान चली गई और 65 घायल हुए। 2021 में मौसम की खराबी के चलते 32 हादसों में सात लोगों की जान चली गई और 34 घायल हुए।
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