हिमाचल प्रदेश: बिजली बोर्ड ने राज्य में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के अभियान को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। बोर्ड ने कहा है कि प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहेगी। हमीरपुर के एक उपभोक्ता से जुड़े मामले को लेकर फैली गलतफहमियों को अब न्यायालय में सुलझा लिया गया है। बोर्ड ने साफ किया है कि कोर्ट का अंतरिम आदेश केवल एक व्यक्तिगत मामले तक सीमित था, इसका असर पूरे राज्य में चल रहे स्मार्ट मीटर अभियान पर नहीं पड़ेगा।
बिजली बोर्ड के अनुसार, हमीरपुर जिले के लंबलू निवासी जैमल सिंह के मामले को लेकर कुछ सूचनाएं सामने आई थीं, जिनसे उपभोक्ताओं में यह भ्रम पैदा हो गया था कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि न्यायालय का आदेश केवल संबंधित उपभोक्ता के मामले से जुड़ा था और पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को रोकने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था।
बोर्ड प्रबंधन ने बताया कि इस मामले में न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा गया। बिजली बोर्ड की ओर से विद्युत अधिनियम-2003 के प्रावधानों और स्मार्ट मीटर योजना से जुड़े सभी तथ्यों को अदालत के सामने प्रस्तुत किया गया। इसके बाद मामले को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया जारी रखने का रास्ता साफ हुआ।
बिजली बोर्ड ने यह भी जानकारी दी कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी उपभोक्ताओं की बिजली सेवा में कोई अचानक बदलाव नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने न्यायालय में स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन पोस्टपेड मोड में ही जारी रहेगा। उपभोक्ता की सहमति के बिना बिजली कनेक्शन को प्रीपेड मोड में परिवर्तित नहीं किया जाएगा।
स्मार्ट बिजली मीटर योजना का उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाना है। इन मीटरों की मदद से बिजली खपत की सटीक जानकारी मिलती है और उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर बेहतर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा बिजली चोरी रोकने और बिजली वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी स्मार्ट मीटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश में बिजली बोर्ड लंबे समय से स्मार्ट मीटर लगाने की दिशा में काम कर रहा है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से इन मीटरों को लगाया जा रहा है। हालांकि, कुछ स्थानों पर उपभोक्ताओं की ओर से स्मार्ट मीटर को लेकर सवाल भी उठाए गए थे। कई उपभोक्ता प्रीपेड व्यवस्था और नए मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जता रहे थे।
बोर्ड ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि स्मार्ट मीटर को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सही जानकारी के लिए बिजली बोर्ड के आधिकारिक माध्यमों से जानकारी प्राप्त करें। बोर्ड का कहना है कि स्मार्ट मीटर योजना उपभोक्ताओं की सुविधा और बिजली व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि देशभर में बिजली क्षेत्र में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्मार्ट मीटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बिजली खपत की निगरानी आसान होती है और बिजली कंपनियों को बेहतर प्रबंधन में सहायता मिलती है।
फिलहाल हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड ने साफ कर दिया है कि स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान जारी रहेगा। हमीरपुर के मामले को लेकर पैदा हुआ विवाद न्यायालय में सुलझा लिया गया है और इसका असर प्रदेश की व्यापक स्मार्ट मीटर योजना पर नहीं पड़ेगा। आने वाले समय में राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।