शिमला। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शारीरिक शिक्षकों की कमी जल्द दूर होने जा रही है। शिक्षा विभाग ने शारीरिक शिक्षकों (Physical Teachers) के 870 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि इन भर्तियों से स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों को बेहतर शारीरिक शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी।

विधानसभा में विधायक विनोद कुमार के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शारीरिक शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। भर्ती में आरक्षण रोस्टर और बैकलॉग का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

आरक्षण नियमों के अनुसार भरे जाएंगे पद

शिक्षा मंत्री ने बताया कि 870 पदों की भर्ती में विभिन्न वर्गों को नियमानुसार प्रतिनिधित्व दिया गया है। इनमें सामान्य वर्ग के 323 पद शामिल हैं।

इसके अलावा अनुसूचित जाति (SC) के लिए 156 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 133 पद, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 39 पद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 79 पद निर्धारित किए गए हैं।

सरकार ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है ताकि सभी पात्र अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिल सके।

विशेष कोटे के तहत भी होंगी नियुक्तियां

शारीरिक शिक्षकों की भर्ती में विशेष श्रेणियों के लिए भी पद आरक्षित किए गए हैं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, पूर्व सैनिक सेल के माध्यम से 118 पद भरे जाएंगे।

वहीं, दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 37 पद और स्पोर्ट्स सेल के माध्यम से 24 पद निर्धारित किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देते हुए पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए।

बैचवाइज और चयन आयोग से होगी भर्ती

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि शारीरिक शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया बैचवाइज आधार और राज्य चयन आयोग के माध्यम से पूरी की जा रही है।

बैचवाइज भर्ती के तहत पुराने पात्र अभ्यर्थियों को प्राथमिकता के आधार पर मौका दिया जाएगा। वहीं, राज्य चयन आयोग के माध्यम से होने वाली भर्ती में लिखित परीक्षा और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि स्कूलों में खाली पदों को भरा जा सके।

स्कूलों में खेल गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

शारीरिक शिक्षा स्कूलों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शिक्षकों की कमी के कारण कई सरकारी स्कूलों में खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।

नए शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति के बाद विद्यार्थियों को खेल प्रशिक्षण, फिटनेस और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि खेलों के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने और प्रतिभाओं को आगे लाने में शारीरिक शिक्षकों की अहम भूमिका होती है।

शिक्षकों की कमी दूर करने पर सरकार का जोर

प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। शिक्षा विभाग की ओर से अलग-अलग विषयों के खाली पदों को भरने की प्रक्रिया भी जारी है।

सरकार का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षक होना जरूरी है। इसी दिशा में शारीरिक शिक्षकों के पदों को भरने का फैसला लिया गया है।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा

शिक्षा मंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। उम्मीदवारों के चयन में योग्यता और निर्धारित मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़े और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।

युवाओं को रोजगार का अवसर

870 पदों पर होने वाली इस भर्ती से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद इच्छुक उम्मीदवारों में भी उत्साह है। अब सभी की नजर चयन प्रक्रिया पूरी होने और नियुक्तियों पर है।

प्रदेश सरकार का कहना है कि जल्द ही शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति से सरकारी स्कूलों में खेल शिक्षा को नई मजबूती मिलेगी और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

Tags: