Shimla: जनगणना ड्यूटी में लापरवाही पर चार कर्मचारियों को नोटिस, FIR की चेतावनी

Update: 2026-06-26 04:56 GMT

Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : नगर निगम शिमला ने जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रुख अपनाया है। निगम ने उन कर्मचारियों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है, जिन्होंने जनगणना किट प्राप्त करने के बावजूद ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होकर कार्य में अनियमितता दिखाई है।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम ने ऐसे चार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। इन कर्मचारियों से पूछा गया है कि आखिर किन कारणों से वे ड्यूटी पर अनुपस्थित रहे और उन्होंने जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही क्यों बरती।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि इन कर्मचारियों द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है या वे आगे भी ड्यूटी से अनुपस्थित रहते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इस सख्त कदम का उद्देश्य जनगणना कार्य को समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है।

इसके साथ ही निगम ने 26 अन्य कर्मचारियों के मामलों की भी जांच शुरू कर दी है, जिन्होंने विभिन्न कारणों का हवाला देकर अपनी ड्यूटी रद्द करवाई है। इन सभी मामलों की सत्यता जांचने के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्णय लिया गया है।

नगर निगम शिमला को जनगणना कार्य के लिए नोडल एजेंसी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस कारण निगम पर यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है कि सभी कर्मचारी निर्धारित समय पर अपने कर्तव्यों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें हर कर्मचारी की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होती है। ऐसे में किसी भी स्तर पर ढिलाई या अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है।

नगर निगम ने कहा है कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा या देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसी वजह से लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया गया है ताकि पूरे कार्य में अनुशासन बना रहे।

चार कर्मचारियों को जारी नोटिस में यह भी निर्देश दिया गया है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करें। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

वहीं, जिन 26 कर्मचारियों ने स्वास्थ्य कारणों या अन्य कारणों से ड्यूटी से छूट मांगी है, उनके मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया जा रहा है। यह बोर्ड यह तय करेगा कि उनके द्वारा दिए गए कारण वास्तविक हैं या नहीं।

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में पारदर्शिता और समयबद्धता सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद निगम क्षेत्र में कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल अनुशासन बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण कार्य को बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।

फिलहाल सभी संबंधित मामलों की जांच प्रक्रिया जारी है और आने वाले दिनों में इस पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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