आईआईटी मंडी के शोधकर्ताओं ने किया कमाल, संतरे के छिलके से पकेगा खाना, मिलेगी उष्ण ऊर्जा
संतरे के छिलके से अब खाना पकेगा। उष्ण उर्जा (हीट एनर्जी) भी मिलेगी।
फाइल फोटो
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। संतरे के छिलके से अब खाना पकेगा। उष्ण उर्जा (हीट एनर्जी) भी मिलेगी। वहीं, भविष्य में इसका उपयोग कारखाने चलाने वाली उर्जा से लेकर वाहनों दौड़ाने के लिए इस्तेमाल होने इंधन के रूप में किया जा सकेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के शोधकर्ताओं ने यह कमाल कर दिखाया है। वैज्ञानिकों ने संतरे के छिलके से जैव इंधन तैयार करने में सफलता हासिल की है। जिससे रसोई गैस, पेट्रोल और ताप उर्जा को इस्तेमाल में लाया जा सकेगा। शोध टीम के निष्कर्ष हाल में ग्रीन केमिस्ट्री जर्नल में प्रकाशित किए गए हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस शोध से बायोमास से ईंधन विकसित करने में मदद मिलेगी, जो राष्ट्र की मांग है। गिरते पेट्रोलियम भंडार के चलते देश में इंधन की खपत को पूरा करने में यह अविष्कार सहायक होगा और अन्य ईंधनों से सस्ता होगा। शोध के प्रमुख स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज आईआईटी मंडी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वेंकट कृष्णन हैं और सह लेखक उनकी शोधकर्ता तृप्ति छाबड़ा और प्राची द्विवेदी हैं।