मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा, IGMC शिमला में बनेगा विशेष रिसर्च विभाग: सीएम
शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने तथा मेडिकल क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत बनाने में शोध की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और प्रदेश के मेडिकल संस्थानों को इस दिशा में आगे बढ़ना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल सेक्टर में रिसर्च को प्राथमिकता देना समय की जरूरत है। चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नई तकनीक, नई दवाएं और उपचार की नई पद्धतियां सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और इलाज के साथ-साथ शोध को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। इससे न केवल चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि प्रदेश के लोगों को भी आधुनिक और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पहले चरण में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) एवं अस्पताल, शिमला में एक विशेष रिसर्च विभाग स्थापित किया जाएगा। इस विभाग का उद्देश्य मेडिकल रिसर्च को संस्थागत रूप देना और चिकित्सकों, विशेषज्ञों तथा मेडिकल छात्रों को शोध के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना होगा। इसके बाद प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी इसी तरह की रिसर्च सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिसर्च विभाग की स्थापना के लिए आवश्यक प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। इसके लिए आधारभूत ढांचे, आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ मानव संसाधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि शोध के लिए ऐसा वातावरण तैयार किया जाना चाहिए, जहां डॉक्टर और मेडिकल छात्र प्रदेश में सामने आने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन कर सकें।
स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं पर होगा शोध
प्रदेश में कई भौगोलिक और जलवायु संबंधी परिस्थितियां ऐसी हैं, जो स्वास्थ्य सेवाओं के सामने अलग तरह की चुनौतियां पैदा करती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाली आबादी तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर होने वाला मेडिकल रिसर्च स्वास्थ्य नीति और उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने में उपयोगी साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल कॉलेजों में होने वाले शोध का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। रिसर्च केवल अकादमिक गतिविधि तक सीमित न रहे, बल्कि उसका इस्तेमाल बीमारी की रोकथाम, बेहतर उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में किया जाए। इसके लिए मेडिकल संस्थानों और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जरूरत पर भी बल दिया गया।
मेडिकल शिक्षा को भी मिलेगा लाभ
मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च की सुविधाएं बढ़ने से मेडिकल शिक्षा को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। रिसर्च में रुचि रखने वाले छात्रों और चिकित्सकों को अपने संस्थान में ही अध्ययन एवं शोध के अवसर मिल सकेंगे। इससे प्रदेश के मेडिकल संस्थानों में अकादमिक माहौल बेहतर होगा और नए शोधकर्ताओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए।
अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी विस्तार
सरकार की योजना पहले IGMC शिमला में विशेष रिसर्च विभाग स्थापित करने की है। इसके अनुभव और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर बाद में प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे राज्य में मेडिकल रिसर्च का एक व्यापक नेटवर्क तैयार करने में मदद मिल सकती है।
राज्य सरकार का मानना है कि मेडिकल कॉलेज केवल डॉक्टर तैयार करने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि वे स्वास्थ्य क्षेत्र में शोध और नवाचार के प्रमुख केंद्र भी बन सकते हैं। इसलिए सरकार इन संस्थानों की भूमिका को व्यापक बनाने पर जोर दे रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल, विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करना और आधुनिक चिकित्सा तकनीक को अपनाना जरूरी है।
सुक्खू ने कहा कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं पर काम किया जाना चाहिए। मेडिकल रिसर्च के माध्यम से ऐसी बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं पर भी अध्ययन किया जा सकता है, जिनका प्रदेश के लोगों के स्वास्थ्य पर विशेष प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शोध परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही शोध के परिणामों को स्वास्थ्य सेवाओं में लागू करने की व्यवस्था भी विकसित की जाए।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद IGMC शिमला में प्रस्तावित विशेष रिसर्च विभाग को प्रदेश के मेडिकल रिसर्च क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि पहले चरण की यह पहल सफल रहती है तो भविष्य में राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी इसी तरह के रिसर्च सेंटर और विभाग स्थापित किए जा सकते हैं। इससे हिमाचल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक साथ सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।