Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश। राज्य बीजेपी के उपाध्यक्ष सुलभ विपिन सिंह परमार ने प्रदेश सरकार पर पूर्व कर्मचारियों की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया है। परमार ने बताया कि प्रदेश के कई विभागों से तीन साल पहले रिटायर हुए कर्मचारी अब भी अपनी मूल पेंशन सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं।
उन्होंने कहा, "ये सभी पूर्व कर्मचारी हैं, जो करीब तीन साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन अब तक इन्हें पेंशन लाभ नहीं मिले। मेडिकल रीइंबर्समेंट बिलों का भुगतान नहीं हुआ और यहां तक कि उनकी ग्रैच्युटी तक अटकी पड़ी है।" परमार ने इसे प्रदेश सरकार की गंभीर लापरवाही करार दिया।
बीजेपी उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार दावा तो करती है कि वह कर्मचारियों के हितों की संरक्षक है, लेकिन जमीन पर स्थिति बिल्कुल उलट है। रिटायर कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और कई लोग परिवार चलाने में भी कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इन भुगतानों को जारी करे और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक विशेष हेल्पडेस्क बनाए, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। विपक्ष ने भी इस मुद्दे को बड़ा प्रशासनिक फेल्योर बताया है। धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में इस मसले को लेकर कर्मचारी संगठनों ने भी विरोध तेज करने की चेतावनी दी है।
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