हिमस्खलन की चपेट में आए BRO के श्रमिक का नहीं मिला सुराग, सर्च ऑप्रेशन रोका
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केलांग। जिला लाहौल-स्पीति के शिंकुला दर्रे के समीप दारचा मुहाल के छीका गांव से आगे सीमा सड़क संगठन द्वारा सड़क मार्ग को बहाल करने में जुटे 3 कामगार 5 फरवरी को ग्लेशियर में दब गए थे। 2 शवों को बरामद कर लिया गया था लेकिन घटना स्थल पर एक कामगार के लापता होने पर चौथे दिन भी तलाशी अभियान के दौरान उसे ढूंढने में सफलता नहीं मिल पाई है। डीसी सुमित खिमटा ने बताया कि शिंकुला दर्रे में भारी बर्फबारी शुरू होने और विषम परिस्थितियों के कारण तापमान में भारी गिरावट की वजह से सर्च टीम ने लापता कामगार पासंग छेरिंग लामा के लिए सर्च ऑप्रेशन दोपहर बाद रोक दिया है। टीम वापस केलांग लौट आई है। मौसम साफ होने पर आगामी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। सहायक आयुक्त रोहित शर्मा ने बताया कि दूसरे प्रवासी नेपाली मूल के कामगार के आश्रितों को भी 25 हजार की राहत राशि प्रदान की गई है।
रोहित शर्मा ने कहा कि एसकेटीटी रोड तिंदी से आगे रोहली के पास हिमस्खलन से बंद मार्ग बुधवार शाम सीमा सड़क संगठन द्वारा फोर बाई फोर वाहनों के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि उदयपुर की तरफ करीब 10 और पांगी की ओर 12 वाहन फंस गए थे। सभी वाहन सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य स्थल की ओर रवाना हो चुके हैं और वर्तमान में कोई भी वाहन फंसा नहीं है। वहीं जिला प्रशासन ने आवासीय आयुक्त पांगी उपमंडल से भी आग्रह किया है कि खराब मौसम के चलते लाहौल की ओर वाहनों की आवाजाही पर स्थानीय प्रशासन के माध्यम से एडवाइजरी जारी की जाए ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।