शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रभाव लगातार बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ हल्की वर्षा का अनुमान जताया गया है। वहीं मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और सोलन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहता है। प्रशासन को भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

रविवार को प्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। ऊना, शिमला, सोलन समेत कई स्थानों पर हल्की वर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है।

कई जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार रविवार को राज्य के मध्य और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और सोलन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। वहीं शिमला, कुल्लू, ऊना और सिरमौर जिलों में हल्की वर्षा होने का अनुमान है।

राज्य में मानसून के दौरान मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिलता है। कुछ क्षेत्रों में कुछ घंटों के भीतर तेज बारिश हो जाती है, जबकि अन्य स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी होती रहती है।

धर्मशाला में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक बारिश धर्मशाला में दर्ज की गई। धर्मशाला में 112.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि पालमपुर में 55 मिलीमीटर बारिश हुई।

धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के कारण स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

बारिश के आंकड़ों से साफ है कि मानसून अभी भी हिमाचल में सक्रिय है और कई क्षेत्रों में इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है।

पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ा खतरा

हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे सड़क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।

कई बार भारी बारिश के बाद पहाड़ी रास्तों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो जाता है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से यात्रा करने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

शिमला में छाए रहेंगे बादल

राजधानी शिमला में रविवार को मौसम सुहावना बना रहा। आसमान में बादल छाए रहे और कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हुई। मौसम विभाग ने शिमला और आसपास के इलाकों में हल्की वर्षा की संभावना जताई है।

पर्यटन सीजन के दौरान शिमला में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलती है।

किसानों और बागवानों के लिए महत्वपूर्ण समय

मानसून की बारिश हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। बारिश से फसलों और बागवानी को फायदा मिलता है, लेकिन अत्यधिक बारिश नुकसान भी पहुंचा सकती है।

सेब उत्पादक क्षेत्रों में मौसम का सीधा असर बागवानी पर पड़ता है। लगातार बारिश होने से फलों की गुणवत्ता और पेड़ों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेतों और बगीचों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें, ताकि बारिश का अतिरिक्त पानी नुकसान न पहुंचाए।

प्रशासन ने जारी की सतर्कता की सलाह

बारिश और संभावित आपदाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।

आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके, इसके लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा गया है।

मौसम में बदलाव जारी रहने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश में मानसून की गतिविधियां अभी जारी रहेंगी। आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

प्रदेश के लोगों और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।

फिलहाल हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर लगातार देखने को मिल रहा है। धर्मशाला में रिकॉर्ड बारिश के बाद कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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