शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ने राज्य सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें दूध उत्पादकों के लिए प्रोत्साहन राशि को 3 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। उन्होंने हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार जताया और कहा कि इस फैसले से पशुपालन करने वाले हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने आगे कहा, "गैर-सरकारी डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े पात्र दूध उत्पादकों को अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 6 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। सरकार ने इसके लिए 14 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।"
पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में गाय और भैंस, दोनों तरह के दूध के लिए देश में सबसे अधिक खरीद मूल्य दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गाय के दूध का खरीद मूल्य 32 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का खरीद मूल्य 47 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर करके एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इससे राज्य भर के दूध उत्पादकों को हर महीने 48.86 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा, जो अब तक का सबसे अधिक है।
उन्होंने बताया कि राज्य में दूध की दैनिक खरीद एक लाख लीटर से बढ़कर लगभग तीन लाख लीटर हो गई है। इसके अलावा, कांगड़ा जिले के धगवार में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक दूध प्रसंस्करण संयंत्र (मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट) भी स्थापित किया जा रहा है।