Shimla.शिमला: हिमाचल प्रदेश में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LOP) जय राम ठाकुर ने मुख्यमंत्री संजय सुखू पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में नौकरशाही की गड़बड़ी और प्रशासनिक मामलों में धांधली ने आम जनता को परेशान कर रखा है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासनिक तंत्र के बीच समन्वय की कमी के कारण नीतियों का सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।
जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी परियोजनाओं में लगातार भ्रष्टाचार और लापरवाही देखने को मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़कर राजनीतिक संरक्षण का लाभ उठा रहे हैं, जिससे जनता को मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ठाकुर ने कहा, “हिमाचल में प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। अगर नौकरशाही गड़बड़ियों को नहीं सुधारा गया, तो विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच सकेगा। हमें ऐसे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करनी होगी, जो अपनी जिम्मेदारी के प्रति ईमानदार और पारदर्शी हों।”
उन्होंने यह भी बताया कि कई सरकारी परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो रही हैं और ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत के कारण प्रदेश की जनता को आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठाकुर ने कहा कि भ्रष्टाचार और अनियमितता के कारण सरकारी धन का उपयोग सही दिशा में नहीं हो रहा, और इससे लोगों का भरोसा सरकार पर कम हो रहा है।
जवाब में LOP ने मुख्यमंत्री से यह मांग की कि नौकरशाही में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने की भी आवश्यकता बताई ताकि सरकारी परियोजनाओं में देरी और भ्रष्टाचार की घटनाएं रोकी जा सकें। ठाकुर ने कहा कि केवल आलोचना करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ठोस कदम उठाकर सुधार लाना भी जरूरी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जय राम ठाकुर का यह बयान विधानसभा सत्र में विपक्ष की भूमिका को स्पष्ट करता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विपक्ष सरकार की गलतियों पर लगातार ध्यान देगा और जनता के हित में आवाज उठाएगा। ठाकुर ने कहा कि जनता सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है, और उनके नेतृत्व में विपक्ष इस पर ध्यान दे रहा है।
ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की नौकरशाही को केवल राजनीतिक संरक्षण पर निर्भर रहने की आदत छोड़नी होगी और जनता के हित में कार्य करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नौकरशाही में सुधार नहीं किया गया, तो विपक्ष आगामी समय में और कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
कुल मिलाकर, जय राम ठाकुर ने सीएम सुखू और राज्य प्रशासन पर सीधे निशाना साधते हुए नौकरशाही की गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि प्रदेश के विकास और जनता के हित के लिए प्रशासनिक सुधार अनिवार्य हैं और इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।