सेब उगाने वालों के हितों की सुरक्षा जरूरी: Kuldeep Rathore

Update: 2026-04-04 08:32 GMT
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: राज्य में सेब किसानों के हितों की सुरक्षा और उनकी आर्थिक स्थिरता को लेकर राजनीतिक और कृषि विशेषज्ञ लगातार चिंता व्यक्त कर रहे हैं। इसी कड़ी में कुलदीप राठौर, वरिष्ठ कृषि विशेषज्ञ और राज्य के कृषि विभाग से जुड़े सलाहकार, ने जोर देकर कहा कि सेब उगाने वालों का हित हमेशा प्राथमिकता में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के बिना राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था अधूरी है और उनके हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
राठौर ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश में सेब का उत्पादन केवल किसानों के जीवनयापन का स्रोत नहीं है, बल्कि यह राज्य की आर्थिक और सामाजिक पहचान का भी हिस्सा है। उन्होंने कहा, “सेब उगाने वालों को बाजार में उचित मूल्य मिलना चाहिए और उन्हें बीज, खाद, कीटनाशक और आधुनिक तकनीक जैसी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय भी सुनिश्चित होगी।”
कुलदीप राठौर ने यह भी बताया कि वर्तमान में कुछ किसानों को बाजार में न्यूनतम मूल्य न मिलने और बिचौलियों के कारण आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग सीधे किसानों तक पहुंचकर उनका मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता प्रदान करें। इसके अलावा, राठौर ने यह भी कहा कि कृषि मंडियों में डिजिटल प्रणाली और मूल्य निगरानी लागू करके किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
राठौर ने किसानों की आमदनी बढ़ाने और उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाओं का समर्थन किया। इनमें सहकारी समितियों के माध्यम से सेब बिक्री, सरकारी सब्सिडी और ऋण सुविधा, और उन्नत कृषि तकनीक का प्रशिक्षण शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसानों की समस्याओं को समय पर नहीं सुलझाया गया, तो इससे प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कुलदीप राठौर ने यह भी कहा कि सेब उगाने वाले किसानों का कल्याण केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें विपणन, पैकेजिंग, भंडारण और निर्यात के क्षेत्र में भी मार्गदर्शन और सहयोग मिलना चाहिए। इसके अलावा, कृषि अनुसंधान संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों को किसानों के साथ मिलकर कार्य करना चाहिए ताकि उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार हो सके।
स्थानीय किसान नेताओं और कृषि विशेषज्ञों ने राठौर के इस बयान का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सरकार और विभागों को किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और उन्हें समय पर समाधान प्रदान करना चाहिए। किसानों का मानना है कि यदि उनकी आय और उत्पादन सुरक्षित रहे, तो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी।
कुल मिलाकर, कुलदीप राठौर का यह संदेश हिमाचल प्रदेश के सेब किसानों और राज्य की कृषि नीति दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, किसानों के हितों की प्राथमिकता से न केवल उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि प्रदेश की कृषि और सामाजिक स्थिरता भी मजबूत होगी।
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