Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: शहर में फ़ूड लाइसेंस की आड़ में अवैध एलोपैथिक दवाओं का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस और ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने संयुक्त छापेमारी कर एक गोपनीय फैक्ट्री का पता लगाया, जहां बिना लाइसेंस और मानक प्रक्रिया के दवाओं का निर्माण किया जा रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि मौके पर बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएँ, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई। ये दवाएँ न केवल मानक गुणवत्ता नियमों का उल्लंघन कर रही थीं, बल्कि लोगों की सेहत के लिए भी खतरा बन सकती थीं। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों से पूछताछ की गई और आरोपी मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि यह फैक्ट्री फ़ूड लाइसेंस के नाम पर चल रही थी, लेकिन वास्तविक में यहां एलोपैथिक दवाओं का निर्माण और पैकेजिंग हो रही थी। अधिकारीयों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल कानून के खिलाफ हैं, बल्कि जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करती हैं।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि बिना लाइसेंस दवाओं का निर्माण और बिक्री गंभीर अपराध है, और ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि अगर किसी को अवैध दवा निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस फैक्ट्री में बनाई गई दवाएँ बाजार में बेचने के लिए तैयार थीं और अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की जाती तो बड़े पैमाने पर लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरा हो सकता था। इसके बाद सभी सामग्री को जब्त कर विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित स्थान पर रखा गया।
बद्दी के स्थानीय लोग इस मामले से परेशान हैं और उन्होंने प्रशासन से ऐसी अनुशासनहीन गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि फ़ूड और दवा संबंधित नियमों का पालन न होना स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर चुनौती है।