Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) ने घोषणा की है कि 2026-27 शैक्षणिक सत्र से सभी स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों को नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत सेमेस्टर सिस्टम पर स्थानांतरित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य छात्रों के सीखने के अनुभव को बेहतर बनाना और वैश्विक शिक्षा मानकों के अनुरूप पाठ्यक्रम को अपडेट करना है।
एचपीयू के प्रवक्ता ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत छात्रों को वर्ष भर लगातार मूल्यांकन, प्रोजेक्ट वर्क और इंटरैक्टिव लर्निंग के अवसर मिलेंगे। इससे छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा और उनके कौशल में वृद्धि होगी।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इस बदलाव के लिए फैकल्टी और प्रशासन को पहले से तैयार किया जा रहा है। शिक्षक प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम संशोधन और डिजिटल लर्निंग टूल्स के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे शिक्षकों को सेमेस्टर आधारित शिक्षण और मूल्यांकन के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि NEP के तहत सेमेस्टर सिस्टम लागू करने से छात्रों को नियमित रूप से सीखने, अपने प्रदर्शन का आकलन करने और समय पर सुधार करने का अवसर मिलेगा। यह व्यवस्था छात्रों में आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी की भावना भी बढ़ाएगी।
छात्र प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया। उनका कहना है कि सेमेस्टर सिस्टम लागू होने से वे अधिक संरचित और नियमित रूप से अध्ययन कर सकेंगे, और परीक्षा के दबाव को छोटे हिस्सों में बांटने से तनाव कम होगा।
एचपीयू ने आगे बताया कि इस बदलाव से स्नातक पाठ्यक्रमों में पाठ्यक्रम की विविधता, प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप पर भी ध्यान बढ़ेगा। इससे छात्रों को अकादमिक और व्यावसायिक दोनों क्षेत्रों में बेहतर तैयारी मिलेगी।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का यह कदम NEP के उद्देश्यों के अनुरूप शिक्षा को अधिक सुसंगत, व्यावहारिक और वैश्विक स्तर के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। 2026-27 से लागू होने वाले सेमेस्टर सिस्टम से न केवल छात्रों की सीखने की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक और पारदर्शी बदलाव भी आएंगे।