Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: पालमपुर नगर निगम चुनाव के दौरान शहर में आवारा पशुओं का आतंक देखने को मिला। कई मतदान केंद्रों और प्रमुख मार्गों पर आवारा कुत्तों, भेड़ियों और अन्य पशुओं के कारण मतदाताओं और आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि चुनाव के दिन कई जगहों पर आवारा पशु सड़क पर घूमते नजर आए। कुछ मतदाता अपने मतदान केंद्र तक पहुँचने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक थी। कई स्थानों पर मतदान केंद्र के पास गंदगी और अव्यवस्था भी देखने को मिली, जिससे वोट देने वालों का अनुभव प्रभावित हुआ।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से किसी ठोस कदम न उठाने पर लोगों में नाराजगी देखी गई। कुछ मतदाताओं ने आरोप लगाया कि अगर शहर में पहले से आवारा पशुओं को नियंत्रित किया गया होता, तो चुनाव के दौरान इस प्रकार की समस्या नहीं आती।
चुनाव अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने मतदान केंद्रों और मुख्य मार्गों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की थी, लेकिन आवारा पशुओं के कारण अप्रत्याशित परिस्थितियाँ उत्पन्न हुईं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में इस तरह की समस्याओं को रोकने के लिए विशेष योजना बनाई जाएगी।
स्थानीय संगठन और नागरिक समूह भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि नगर निगम चुनाव के दौरान आवारा पशुओं की गतिविधियों को रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए उचित कदम उठाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाता यह शिकायत कर रहे थे कि पशु उनकी राह रोक रहे थे और कई स्थानों पर उन्हें डर के कारण मतदान केंद्र तक पहुँचने में देर हुई। इस कारण मतदान प्रक्रिया में बाधा आई और लोगों को असुविधा हुई।
कुल मिलाकर, पालमपुर नगर निगम चुनाव में आवारा पशुओं के कारण मतदाताओं और नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह घटना नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के लिए चेतावनी है कि शहर में आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से हल किया जाए।