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जनता से रिश्ता वेबडेस्क : शिमला, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और बोर्ड-निगमों में तैनात आउटसोर्स कर्मचारी सरकारी महकमों में मर्ज हो सकते हैं। कैबिनेट सब-कमेटी की शनिवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सब-कमेटी ने निर्णय लिया है कि इस बारे में कम्प्लीट पॉलिसी लाई जाएगी। ड्राफ्ट फाइनल करने के लिए 10 दिन का वक्त तय किया गया है और इससे पहले कैबिनेट सब-कमेटी को दोबारा से बैठना है। शनिवार सुबह हुई बैठक में सब-कमेटी के दोनों सदस्य ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी और शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज मौजूद थे। वित्त सचिव अक्षय सूद और विधि सचिव भी इस बैठक में सलाह के लिए बुलाए गए थे। बैठक के बाद जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने बताया कि करीब 27000 आउटसोर्स कर्मचारियों का डाटा अभी तक कन्फर्म हुआ है और इन्हें एक स्थायी पॉलिसी के दायरे में लाया जा रहा है। इससे इन्हें जॉब सिक्योरिटी मिल जाएगी और बाद में यह विभागों में भी मर्ज हो पाएंगे। हालांकि वर्तमान में जो इन्हें वेतन दिया जा रहा है, उसमें सब-कमेटी ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया है।

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