हिमाचल पुलिस की ASI कमलेश कुमारी का UN शांति मिशन में चयन, दक्षिण सूडान में देंगी सेवाएं
शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस के लिए गौरव की खबर सामने आई है। हिमाचल पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर तैनात कमलेश कुमारी का चयन संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के लिए हुआ है। उन्हें अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान में तैनात किया जाएगा, जहां वह संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत शांति और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगी। प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मिशन में सेवाएं देने के लिए हिमाचल पुलिस से कार्यमुक्त करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। अब आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एएसआई कमलेश कुमारी संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी। उनका चयन हिमाचल पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र के मिशन में सेवाएं देने के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित और प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में पुलिस अधिकारियों का चयन कई स्तरों पर निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है। इसमें उम्मीदवार के पुलिस सेवा के अनुभव, व्यावसायिक दक्षता, शारीरिक और मानसिक क्षमता के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने की योग्यता का परीक्षण किया जाता है। संबंधित प्रक्रियाओं और मानकों को पूरा करने वाले अधिकारियों को ही मिशन में सेवा देने का अवसर मिलता है।
एएसआई कमलेश कुमारी ने इस चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के लिए अपनी जगह बनाई है। अब वह हिमाचल पुलिस का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करेंगी।
दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र का शांति मिशन लंबे समय से सक्रिय है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वर्ष 2011 में दक्षिण सूडान की स्वतंत्रता के बाद वहां United Nations Mission in South Sudan यानी UNMISS की स्थापना की थी। मिशन का प्रमुख उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा, स्थायी शांति स्थापित करने की प्रक्रिया में सहयोग और मानवीय सहायता के लिए सुरक्षित परिस्थितियां तैयार करने में मदद करना है।
UNMISS में अलग-अलग देशों के सैन्य और पुलिस अधिकारी सेवाएं देते हैं। संयुक्त राष्ट्र पुलिस स्थानीय कानून-व्यवस्था संस्थानों की क्षमता बढ़ाने, नागरिकों की सुरक्षा और समुदायों में भरोसा कायम करने जैसे कार्यों में सहयोग करती है। महिला पुलिस अधिकारियों की भागीदारी को भी संयुक्त राष्ट्र अपने शांति अभियानों में महत्वपूर्ण मानता है।
ऐसे में हिमाचल पुलिस की एएसआई कमलेश कुमारी को भी वहां शांति और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा। मिशन में उनकी सटीक भूमिका तैनाती और संयुक्त राष्ट्र द्वारा सौंपे जाने वाले दायित्वों के अनुसार तय होगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार के गृह विभाग की ओर से कार्यमुक्त करने की मंजूरी मिलना उनकी तैनाती की दिशा में महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसके बाद वह निर्धारित अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवाएं दे सकेंगी। मिशन पूरा होने के बाद नियमानुसार वह अपने मूल पुलिस बल में वापस लौट सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन में काम करना सामान्य पुलिस सेवा से कई मायनों में अलग होता है। यहां अधिकारियों को अलग सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के बीच काम करना पड़ता है। विभिन्न देशों से आए पुलिस और सैन्य अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। इसके अलावा स्थानीय आबादी के साथ संवाद और संवेदनशील परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था तथा सुरक्षा संबंधी काम भी महत्वपूर्ण होते हैं।
संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारत की लंबे समय से महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। भारत ने विभिन्न देशों में संचालित संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए सैन्य और पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए हैं। दक्षिण सूडान में भी भारतीय शांति सैनिकों और पुलिस अधिकारियों की भागीदारी रही है।
एएसआई कमलेश कुमारी का चयन इस परंपरा को आगे बढ़ाने वाला है। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य की पुलिस में सेवाएं देने के बाद अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें अलग-अलग देशों की पुलिसिंग व्यवस्था और शांति अभियानों से जुड़ा अनुभव भी प्राप्त होगा।
विशेष रूप से महिला पुलिस अधिकारी के रूप में उनका चयन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी उपयोगी होती है। संयुक्त राष्ट्र भी अपने शांति अभियानों में महिला अधिकारियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर देता रहा है।
कमलेश कुमारी की उपलब्धि हिमाचल पुलिस की अन्य महिला कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए भी प्रेरणादायक हो सकती है। पुलिस सेवा में स्थानीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक काम करने के अवसर उपलब्ध होते हैं, लेकिन इसके लिए निर्धारित मानकों और चयन प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक होता है।
दक्षिण सूडान में सुरक्षा परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रही हैं। देश में राजनीतिक अस्थिरता, सामुदायिक संघर्ष और मानवीय संकट जैसी परिस्थितियों के बीच संयुक्त राष्ट्र मिशन काम करता है। इसलिए वहां तैनात पुलिस अधिकारियों के लिए व्यावसायिक दक्षता के साथ संवेदनशीलता और स्थानीय परिस्थितियों की समझ भी जरूरी होती है।
प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद अब एएसआई कमलेश कुमारी के अंतरराष्ट्रीय मिशन में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। वह दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र के तहत शांति और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। हिमाचल पुलिस की वर्दी में अब तक प्रदेश में सेवाएं देने वाली कमलेश कुमारी जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी।