Himachal हिमाचल: ऑरेंज अलर्ट के बीच मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और 52 दिनों के मानसून सीजन में नुकसान का आंकड़ा 2,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है। सोमवार को राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में दिनभर बारिश होती रही। लगातार हो रही बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है, क्योंकि अगले 3 दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जिससे भूस्खलन और जलस्तर में अचानक वृद्धि का खतरा और बढ़ गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 17 अगस्त तक कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इसमें 14 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
12 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और कुल्लू में भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा, जबकि कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जिलों में नदी-नालों से दूर रहने और ढलान वाले इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 13 और 14 अगस्त को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, शिमला और सोलन में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 14 अगस्त को शिमला में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 15 अगस्त को कुल्लू, शिमला और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा।
सोमवार को शिमला में 23 मिमी, सुंदरनगर में 15, धर्मशाला में 16, नाहन में 15, सोलन में 3, मंडी में 10, जुब्बड़हट्टी में 18, कुफरी में 18.5, धौला कुआं में 4.5, नेरी में 18.5, बजौरा में 3.5 मिमी बारिश हुई, जबकि रविवार रात को बिलासपुर सदर में सबसे अधिक 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। शिमला के सराहन और चंबा के चुवाड़ी में 30-30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सिरमौर के राजगढ़ और कांगड़ा के देहरा गोपीपुर में 20-20 मिमी बारिश दर्ज की गई।