Himachal: जनहित की पत्रकारिता में देवर्षि नारद की सीख, बंसल ने किया उजागर
Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: प्रख्यात पत्रकार और सामाजिक चिंतक बंसल ने हाल ही में आयोजित एक संवादात्मक कार्यक्रम में कहा कि जनकल्याणकारी पत्रकारिता का मूल आधार देवर्षि नारद के आदर्शों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबरें प्रस्तुत करना नहीं है, बल्कि समाज की भलाई और जागरूकता फैलाना भी है।
बंसल ने कहा कि देवर्षि नारद ने हमेशा सत्य और नैतिकता के मार्ग पर चलते हुए समाज में जागरूकता पैदा की। उन्होंने बताया कि पत्रकारिता को भी इसी दृष्टिकोण से संचालित किया जाना चाहिए। बंसल ने कहा, “पत्रकार का कर्तव्य है कि वह समाज के हित में काम करे, लोगों को सही जानकारी दे और गलतियों को उजागर करके सुधार की दिशा में योगदान करे।”
कार्यक्रम में बंसल ने यह भी बताया कि आज के मीडिया परिदृश्य में कई बार सिर्फ़ ट्रैफिक बढ़ाने या सनसनी फैलाने वाली खबरों पर जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी पत्रकारिता समाज में भ्रम और अविश्वास पैदा कर सकती है। इसलिए, पत्रकारों को चाहिए कि वे सत्य, नैतिकता और जनहित को प्राथमिकता दें।
उन्होंने युवाओं और पत्रकारिता में नए प्रवेशकों को सलाह दी कि वे सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जैसे विषयों पर फोकस करें, क्योंकि यही क्षेत्र समाज में वास्तविक बदलाव ला सकते हैं। बंसल ने कहा कि देवर्षि नारद की तरह पत्रकार को भी निष्पक्ष और निर्भीक होकर कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य विशेषज्ञों ने भी बंसल की बातों का समर्थन किया और कहा कि जनकल्याणकारी पत्रकारिता न केवल समाज को जागरूक बनाती है, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने में भी मदद करती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में नैतिकता और जिम्मेदारी का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।
बंसल ने यह उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे सही समय पर खबरों और रिपोर्टिंग के माध्यम से लोगों को चेतावनी दी जा सकती है और संकट के समय उन्हें मदद पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का यह पहलू समाज के लिए वास्तविक मूल्य रखता है और इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के डिजिटल और सोशल मीडिया युग में सत्य और निष्पक्षता का महत्व और भी बढ़ गया है। पत्रकारों को चाहिए कि वे हर खबर की पुष्टि करें और अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं से बचें।
अंत में बंसल ने कहा कि जनकल्याणकारी पत्रकारिता केवल पेशेवर जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक कर्तव्य भी है। यह पत्रकारों को न केवल समाज में सम्मान दिलाती है, बल्कि उनके कार्य का उद्देश्य भी स्पष्ट करती है।