Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ताओं को दिए गए वित्तीय लाभों की वसूली करने से रोक दिया है। राज्य सरकार ने 27 फरवरी, 2025 को सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 के तहत अधिसूचना जारी कर कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर उन्हें दिए गए वित्तीय लाभों की वसूली करने के आदेश जारी किए थे। न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा
की खंडपीठ ने आदेश दिया है कि "27 फरवरी को जारी अधिसूचना के आधार पर याचिकाकर्ताओं से किसी भी तरह की वसूली नहीं की जाएगी।"
अदालत ने यह अंतरिम आदेश विभिन्न महाविद्यालयों में सेवारत सहायक व्याख्याताओं द्वारा दायर याचिका के बाद पारित किया। याचिकाकर्ताओं ने याचिका में 20 फरवरी, 2025 से लागू हुए सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 को भी चुनौती दी है। राज्य सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर उन कर्मचारियों से वेतन, वरिष्ठता और पदोन्नति का लाभ वापस लेने तथा वित्तीय वसूली करने का निर्णय लिया था, जिनकी सेवाएं 12 दिसंबर 2003 के बाद नियमित की गई थीं। अदालत ने यह अंतरिम आदेश पारित करते हुए सरकार को नोटिस भी जारी किया तथा तीन सप्ताह में जवाब मांगा।
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