शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मूसलाधार बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से प्रदेश की 259 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बाधित हो गई हैं। कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही थम गई है। मनाली हाईवे के साथ मंडी जिले से गुजरने वाले तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित हुए हैं। इससे मंडी और कुल्लू के बीच संपर्क व्यवस्था पर भी असर पड़ा है। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जिससे प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने सड़क संपर्क बहाल करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़कें मलबे और पत्थरों से पट गई हैं। कुछ जगहों पर पहाड़ियों से लगातार पत्थर गिरने की वजह से यातायात रोकना पड़ा है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में बारिश के दौरान सड़क संपर्क सबसे ज्यादा प्रभावित होता है और इस बार भी कई महत्वपूर्ण मार्ग इसकी चपेट में आए हैं।

एनएच-305 पर वाहन पर गिरा मलबा

कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। बराड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-305 पर अचानक पहाड़ी से मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक गाड़ी इसकी चपेट में आ गई और पत्थरों के नीचे दब गई।

वाहन में दो लोग सवार थे। हादसे में दोनों घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों और संबंधित टीमों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा गया। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों पर बारिश के दौरान यात्रा के जोखिम को सामने ला दिया है।

मंडी-कुल्लू संपर्क पर असर

भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से मंडी और कुल्लू के बीच सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। प्रमुख मार्गों पर मलबा आने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित हुई है। मनाली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मनाली हाईवे पर यातायात बाधित होने से पर्यटकों, स्थानीय लोगों और आवश्यक सामान लेकर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। पहाड़ों से मलबा गिरने और सड़क पर पत्थर आने के कारण कई जगहों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित मार्गों को खोलने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों को लगाया गया है। हालांकि बारिश जारी रहने से राहत और बहाली कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से दोबारा मलबा आने का खतरा बना रहता है, इसलिए सड़क खोलने वाली टीमों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

तीन राष्ट्रीय राजमार्ग भी प्रभावित

मंडी जिले में तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी बारिश का असर पड़ा है। कई हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रभावित होने से दूसरे जिलों और पर्यटन स्थलों के बीच आवागमन पर असर पड़ रहा है।

हिमाचल में राष्ट्रीय राजमार्गों का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि पहाड़ी जिलों के लिए यही प्रमुख संपर्क मार्ग हैं। सड़क बंद होने पर स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के सामान, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में दिक्कत हो सकती है।

पहाड़ों से गिर रहे पत्थर, बढ़ा खतरा

भारी बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाता है। पानी जमीन के भीतर पहुंचने के कारण ढलानों की स्थिरता प्रभावित हो सकती है और कमजोर हिस्सों से अचानक मलबा या चट्टानें गिर सकती हैं।

कुल्लू के आनी क्षेत्र में वाहन पर मलबा गिरने की घटना इसी खतरे की गंभीरता को दर्शाती है। पहाड़ी मार्गों पर सफर कर रहे लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा अचानक होने वाला भूस्खलन है। कई बार वाहन चालकों को सड़क पर मलबा दिखाई देने से पहले ही ऊपर से पत्थर गिरने लगते हैं।

ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा सकती है।

सड़क बहाली में जुटे विभाग

सड़कों को यातायात के लिए दोबारा खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें काम कर रही हैं। जहां सड़क पर मलबा जमा हुआ है, वहां जेसीबी और अन्य भारी मशीनरी की मदद से उसे हटाया जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी प्रभावित हिस्सों को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

हालांकि, बारिश के बीच सड़क बहाली अपने आप में चुनौतीपूर्ण काम है। एक ओर मलबा हटाया जाता है तो दूसरी ओर बारिश के कारण नए स्थानों पर भूस्खलन होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में कई मार्गों पर बहाली का काम मौसम की स्थिति पर निर्भर कर रहा है।

स्थानीय लोगों और यात्रियों की बढ़ी परेशानी

सड़कों के बंद होने से सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को हो रही है जो रोजाना इन मार्गों से आवागमन करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बाधित होने से बाजार, स्कूल, अस्पताल और कामकाज से जुड़े लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं मनाली और कुल्लू की ओर जाने वाले पर्यटकों को भी मार्ग बाधित होने से परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़कें खुलने तक यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी लेने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

मौसम साफ होने का इंतजार

हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की चुनौती को सामने ला दिया है। 259 से ज्यादा सड़कों का बाधित होना, प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित होना और कुल्लू में वाहन पर मलबा गिरने जैसी घटनाएं हालात की गंभीरता बताती हैं।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सड़क संपर्क बहाल करने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जब तक बारिश का दौर पूरी तरह थमता नहीं है, तब तक भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बना रहेगा। ऐसे में स्थानीय लोगों और यात्रियों को मौसम तथा सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की जरूरत है।

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