न्यूज़ क्रेडिट : divyahimachal.com

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। आज के दौर की युवा पीढ़ी जैसे सोचती है, वही हमारे देश का भविष्य होगा। इसलिए इस दिशा में वर्तमान युवाओं को मंथन करने की जरूरत है कि वे क्या सोचते हैं, जिससे देश को एक अच्छा इंसान मिल सके और समाज में उसकी अलग पहचान हो। यह बात राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने तकनीकी विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में मेधावियों को संबोधित करते हुए कही। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर का चौथा दीक्षांत समारोह बुधवार को एनआईटी के सभागार में राज्यपाल एवं कुलाधिपति की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। दीक्षांत समारोह में आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 55 को पदक सहित 310 मेधावियों को डिग्री देकर सम्मानित किया। इनमें 32 को स्वर्ण और 23 मेधावियों को रजत पदक वितरित किए गए।

वहीं तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान ने समारोह के सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। समारोह में हमीरपुर सदर के विधायक नरेंद्र ठाकुर, उपायुक्त हमीरपुर देवश्वेता बनिक, पुलिस अधीक्षक डा. आकृति शर्मा, एनआईटी के निदेशक प्रो. हीरालाल मुरलीधर सुर्यवंशी सहित शासक मंडल, शैक्षणिक परिषद के सदस्यों सहित अन्य शिक्षण संस्थानों के अधिकारी व गणमान्य उपस्थित रहे। वहीं दीक्षांत समारोह के मुख्यातिथि एवं आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि आधुनिक विज्ञान और भारत की प्राचीन परंपरागत तकनीकों के बीच समन्वय स्थापित करना पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। इसके लिए युवाओं की सबसे अहम भूमिका हो सकती है।

Tags: