मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में गुरुवार सुबह हणोगी टनल के अंदर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग के दौरान मंडी और कुल्लू की ओर से आ रहे दो ट्रक आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद टनल के भीतर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मृतक की पहचान शकील (20) के रूप में हुई है। वह चांदपुर तहसील क्षेत्र के गांव पिपली जट निवासी अब्दुल करीम का पुत्र था। शकील मंडी में रहकर इमारतों में लगने वाली खिड़कियों पर कांच लगाने का काम करता था। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम पसर गया।

तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग के दौरान भिड़े ट्रक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह हणोगी टनल के अंदर एक ट्रक मंडी से कुल्लू की ओर जा रहा था, जबकि दूसरा ट्रक कुल्लू से मंडी की दिशा में आ रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग के प्रयास में दोनों ट्रक एक-दूसरे के सामने आ गए।

टनल के अंदर दोनों भारी वाहनों के आमने-सामने आने के बाद चालकों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला और दोनों की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद टनल के भीतर तेज आवाज सुनाई दी और आसपास मौजूद लोगों में भी दहशत फैल गई।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई। दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

शकील की मौत से परिवार में मातम

इस हादसे में शकील की जान चली गई। उसकी उम्र महज 20 वर्ष थी। परिवार के अनुसार, शकील कुछ समय पहले ही घर आया था। करीब एक माह पहले वह अपने घर गया था और इसके बाद वापस मंडी आकर काम करने लगा था।

शकील का काम इमारतों में खिड़कियों पर कांच लगाने से जुड़ा था। वह मंडी में रहकर अपने रोजगार के जरिए परिवार की मदद कर रहा था। हादसे में उसकी मौत की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया।

परिवार को विश्वास नहीं हो रहा था कि कुछ समय पहले घर से वापस काम पर गया युवक इतनी दर्दनाक दुर्घटना का शिकार हो जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी शकील की मौत पर दुख जताया।

टनल में हादसे ने उठाए सवाल

हणोगी टनल जैसे सीमित स्थान में भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान गति और ओवरटेकिंग को लेकर सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। टनल के भीतर दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना और निर्धारित गति का पालन करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस हादसे में तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग को संभावित कारण बताया जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय दोनों ट्रकों की गति कितनी थी और क्या किसी वाहन चालक ने यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए ओवरटेकिंग की थी।

पुलिस ने शुरू की जांच

हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू की। दोनों वाहनों की स्थिति और घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। पुलिस ने हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाने के साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी लेने की प्रक्रिया शुरू की।

जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि दोनों ट्रकों के चालक किस दिशा से आ रहे थे और टक्कर से ठीक पहले घटनाक्रम क्या था। दुर्घटना में किसी अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी की भी जांच की जा रही है।

पहाड़ी मार्गों पर सावधानी जरूरी

मंडी और कुल्लू को जोड़ने वाले मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार रहती है। पहाड़ी इलाकों में सड़क की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। टनल, मोड़ और संकरे हिस्से ऐसे स्थान हैं जहां तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेकिंग गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

हणोगी टनल में हुआ हादसा भी इसी तरह की सावधानी की जरूरत को रेखांकित करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों के चालकों को निर्धारित गति का पालन करना चाहिए और टनल के अंदर ओवरटेकिंग से बचना चाहिए।

परिवार के सामने बड़ा संकट

शकील की मौत से परिवार को भावनात्मक नुकसान के साथ आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ सकता है। कम उम्र में ही वह काम करके परिवार का सहयोग कर रहा था। एक माह पहले घर से लौटकर वह दोबारा मंडी में काम करने लगा था, लेकिन हादसे ने परिवार की उम्मीदों को झटका दे दिया।

20 वर्षीय युवक की मौत ने इलाके के लोगों को भी झकझोर दिया है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हादसे की निष्पक्ष जांच और दुर्घटना के कारणों को स्पष्ट करने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हणोगी टनल में दो ट्रकों की आमने-सामने हुई भिड़ंत में शकील की मौत ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तेज रफ्तार और जोखिम भरी ओवरटेकिंग से बचना ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे अहम उपाय माना जा रहा है।

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