बिलासपुर। सीमेंट कंपनी बागा और मलोखर-खारसी क्षेत्र को जोड़ने वाले शालूघाट-जब्बलपुल मार्ग की खराब हालत को लेकर ग्रामीणों और ट्रक ऑपरेटरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सड़क की बदहाली से परेशान लोगों ने अब जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और जल्द सुधार की मांग उठाई है।

शुक्रवार को रानी कोटला परिवहन सभा के प्रधान एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य प्रेम सिंह ठाकुर की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त बिलासपुर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए सड़क की स्थिति सुधारने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को बताया कि शालूघाट से जब्बलपुल तक जाने वाला यह मुख्य मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ट्रक ऑपरेटरों के अनुसार, इस मार्ग पर रोजाना करीब 2000 सीमेंट से लदे ट्रक और अन्य वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। गहरे गड्ढों की वजह से ट्रकों के कलपुर्जे टूट रहे हैं, जिससे वाहन मालिकों और चालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

परिवहन सभा ने कहा कि सड़क की खराब हालत से केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि धूल के कारण सांस संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं और गांवों में रहना मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की मरम्मत का काम जल्द शुरू किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से बड़ी संख्या में सीमेंट से जुड़े वाहन गुजरते हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि खराब सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। गड्ढों से बचने के प्रयास में कई बार वाहन अनियंत्रित हो सकते हैं, जिससे हादसे की आशंका बढ़ जाती है।

रानी कोटला परिवहन सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से सड़क सुधार की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।

ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि वे क्षेत्र के विकास और उद्योगों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। वाहनों की मरम्मत में लगातार पैसा खर्च हो रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की हालत में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाने पर मजबूर होंगे। हालांकि, फिलहाल प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से बातचीत कर समस्या के समाधान की उम्मीद जताई है।

उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में सड़क की मरम्मत, गड्ढों को भरने और धूल की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है।

प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब लोगों की नजरें इस बात पर हैं कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क सुधार को लेकर क्या कदम उठाते हैं।

शालूघाट-जब्बलपुल मार्ग की स्थिति को लेकर उठी आवाज ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सड़क व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है। ग्रामीणों और वाहन चालकों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द उनकी समस्या का समाधान करेगा।

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