छात्रों को CM सुक्खू की बड़ी सौगात, स्कूल के विकास के लिए 3 करोड़ मंजूर
शिमला : 5 नवंबर 2026। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को विद्यार्थियों को जीवन में बड़े सपने देखने, कठिन परिश्रम करने और बिना किसी डर के अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। चंबा जिले के तीसा में पीएम श्री राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास, साहस और सही समय पर उचित निर्णय लेने की क्षमता बेहद जरूरी है। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए बैरागढ़ स्कूल में प्रयोगशाला और अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के साथ-साथ युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया।मुख्यमंत्री सुक्खू ने विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान कहा कि जीवन में चुनौतियां आना स्वाभाविक है, लेकिन उनसे घबराने के बजाय उनका सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी सही समय पर सही निर्णय लेने का साहस रखते हैं और लगातार मेहनत करते हैं, वही भविष्य में सफलता की नई मिसाल कायम करते हैं।मुख्यमंत्री ने छात्रों को अपने सपनों को साकार करने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है।
छात्रा तमन्ना के सवाल का दिया प्रेरणादायक जवाब
विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान कक्षा 12वीं की छात्रा तमन्ना ने मुख्यमंत्री से जीवन में आगे बढ़ने और सही निर्णय लेने को लेकर सवाल किया। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने भविष्य के बारे में निर्णय लेते समय अनावश्यक भय और संकोच से बचना चाहिए।उन्होंने कहा कि जीवन में कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे अवसरों पर व्यक्ति के निर्णय ही उसके भविष्य की दिशा निर्धारित करते हैं।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि असफलता से डरने के बजाय उससे सीखना चाहिए। उन्होंने मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच को सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।उनका कहना था कि युवाओं में असीम संभावनाएं हैं और सही मार्गदर्शन मिलने पर वे अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
स्कूल में प्रयोगशाला और अतिरिक्त कक्षाओं के लिए 3 करोड़ रुपये
विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने बैरागढ़ स्कूल के लिए 3 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की। इस धनराशि का उपयोग विद्यालय में प्रयोगशाला और अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।इस घोषणा से विद्यालय के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। नई प्रयोगशाला बनने से विद्यार्थियों को विज्ञान विषयों की व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा होगी।अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण से विद्यालय में अध्ययन-अध्यापन के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध हो सकेगा। इससे शिक्षकों और विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में सहायता मिलेगी।राज्य सरकार की इस पहल को ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विद्यार्थियों ने शिक्षा और नशे की समस्या पर पूछे सवाल
मुख्यमंत्री के साथ संवाद कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने शिक्षा व्यवस्था, विद्यालयों में सुविधाओं और युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या से संबंधित सवाल भी पूछेकक्षा 12वीं की छात्रा मोनिका ने प्रदेश में नशे की समस्या रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी मांगी। वहीं, छात्रा मुस्कान ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने से संबंधित सवाल पूछा।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं का सामाजिक समस्याओं के प्रति जागरूक होना महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल अपनी पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि समाज में होने वाले बदलावों और चुनौतियों के प्रति भी सजग रहें।
नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री ने दिखाई सख्ती
विद्यालय में संवाद कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीसा में नशे के खिलाफ आयोजित 'एंटी-चिट्टा वॉकथॉन' को हरी झंडी दिखाई।इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को चिट्टा तथा अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशे का अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों की संपत्तियां भी जब्त की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य नशे के नेटवर्क को कमजोर करना और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को इसमें भागीदारी निभानी होगी।
नशा तस्करों की सूचना देने के लिए 112 पर करें फोन
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आम नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास नशीले पदार्थों की तस्करी या अवैध बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल पुलिस को सूचित करें।उन्होंने बताया कि लोग आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करके ऐसी गतिविधियों की जानकारी दे सकते हैं।मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि नशा तस्करों के बारे में सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए परिवार, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा।
सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा देने पर जोर
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलने चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद, रचनात्मक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।
युवाओं को दिया आत्मविश्वास और मेहनत का संदेश
मुख्यमंत्री सुक्खू का विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम प्रेरणादायक संदेशों, शिक्षा संबंधी चर्चाओं और सामाजिक जागरूकता पर केंद्रित रहा।उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे हासिल करने के लिए ईमानदारी से मेहनत करें।मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है और प्रदेश की प्रगति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।बैरागढ़ स्कूल के लिए 3 करोड़ रुपये की घोषणा से विद्यालय में सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है। वहीं, नशे के खिलाफ आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने युवाओं को स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का संदेश दिया।