Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: उपायुक्त हेमराज बैरवा ने यहाँ बताया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) के अंतर्गत कांगड़ा जिले के 60 गाँवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित इस योजना के अंतर्गत कुल 64 गाँवों का चयन किया गया था, जिनमें से 60 गाँव आदर्श ग्राम घोषित किए जाने के मानदंडों पर खरे उतरे। चालू वित्त वर्ष के दौरान इन गाँवों के विकास के लिए 3.94 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। पीएमएजीवाई अभिसरण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैरवा ने कहा कि इस योजना का लक्ष्य 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी वाले गाँवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना, असमानताओं को कम करना और समाज के सभी वर्गों की न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करना है।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत, पेयजल एवं स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें एवं आवास, बिजली एवं स्वच्छ ईंधन, कृषि, वित्तीय समावेशन, डिजिटलीकरण, और आजीविका एवं कौशल विकास सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों में 50 निगरानी संकेतकों के आधार पर गाँवों का मूल्यांकन किया गया। 70 या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले गाँवों को आदर्श ग्राम का दर्जा दिया गया है। हेमराज बैरवा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि धनराशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों के साथ समय-समय पर समीक्षा की जाए। जिला कल्याण अधिकारी साहिल मंडला ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत मोहटली (इंदौरा ब्लॉक), दरगेला (रैत ब्लॉक), पन्यामल (देहरा ब्लॉक) और बड़ी खास (इंदौरा ब्लॉक) की ग्राम विकास योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार, जिला कल्याण अधिकारी साहिल मंडला, विभिन्न विभागों के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और संबंधित ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित थे।