Hamirpur हमीरपुर में मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर गंधर्व राठौर की अध्यक्षता में ज़िला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह ने बताया कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस साल 31 अगस्त तक ज़िले में सड़क दुर्घटनाओं में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस साल 31 अगस्त तक ज़िले में सड़क दुर्घटना के कुल 62 मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 43 मामले दर्ज हुए थे। उन्होंने बताया कि अकेले अगस्त महीने में छह सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 11 लोग घायल हुए और एक व्यक्ति की मौत हो गई।
गंधर्व ने कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए 1.5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों के साथ-साथ सभी सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के प्रशासकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस योजना को लागू करने के लिए पर्याप्त सुविधाएं और इंतजाम हों, ताकि कोई भी दुर्घटना पीड़ित इस लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को भी सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित जानकारी संबंधित अस्पतालों के साथ तुरंत साझा करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि ज़िले में हाल ही में हुई सड़क दुर्घटनाओं में घायल 14 लोगों को कैशलेस इलाज मुहैया कराया गया। उन्होंने SDM कार्यालयों, पुलिस, लोक निर्माण विभाग (PWD), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और परिवहन विभाग के अधिकारियों को दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और ज़रूरी सुधार लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अगर इसके लिए अतिरिक्त बजट की ज़रूरत हो, तो इसके लिए मांग पत्र (requisition) भेजा जाना चाहिए।
डिप्टी कमिश्नर ने नए राजमार्गों और विभिन्न संपर्क मार्गों सहित नादौन, जलारी, चील बहाल, लहाड और कोहली जैसे जंक्शनों पर उचित सड़क चिह्नों, स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेतों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजीव ठाकुर ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की।
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